
साम्राज्यलक्ष्मी का प्रकटीकरण राजा के लिए जरूरी
सामान्य जन और साधकों के लिये शास्त्र का आदेश है की वो अपनी साधन-भजन-अर्चन को गोप्य रखें। परंतु श्रीमंतो, धनिकों और राजन्यवर्ग जब अपने धार्मिक कर्तव्य का निर्वहन करते हैं तो वहां इस अति कठोर "गोप्यता" के नियम को निरस्त कर दिया गया शास्त्रकारों, लोक समाज के कर्ताओं द्वारा। और उसे प
19 मई 2019 · 3 मिनट का पाठ