Politics & History

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राजनीति · इतिहास

सत्ता, संविधान और ऐतिहासिक स्मृति के बीच के संबंधों की पड़ताल, प्रमाण और संदर्भ के साथ।

"द सिटी ऑफ गॉड" - ऑगस्टीन का पैगन पर हमला
राजनीति · इतिहास

"द सिटी ऑफ गॉड" - ऑगस्टीन का पैगन पर हमला

"द सिटी ऑफ गॉड" A.D. 410 में, पश्चिमी इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था, जब वंडल्स ने अपने राजा, अलारिक के नेतृत्व में, रोम शहर पर कब्जा कर लिया। रोम को सनातन शहर के रूप में जाना जाता था क्योंकि रोमियों ने सोचा था कि यह सचमुच कभी नहीं गिरेगा, और वर्ष 410 ने इस विश्वास को अपनी नींव

Mudit Agrawal · 3 सितम्बर 2021 · 6 मिनट

राजनीति · इतिहास

करपात्ररत्नसमुच्चय एवं ट्रैड-वाद | 'कुतर्ककूटनाशक' सहित

ट्रैड निम्न लेख प्रतिज्ञ @RamaInExile द्वारा लिखित है । ट्रैड मेरे साथ विगत कुछ महीनों में जो घटनाएं हुई उसने मुझे झकझोर कर रख दिया। घटनाओं में घटकों के वास्तविक रूप से मैं अनभिज्ञ था। मेढक के बच्चे के भांति मेरा भी लौकिक दृष्टिकोण कायान्तरित होने लगा। ट्रैड वाद के नाम पर धर्म के

31 अगस्त 2021 · 63 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

श्रीरामभक्ता शबरी का जातिनिर्णय - आचार्य गङ्गाधर पाठक | डाउनलोड करें

'श्रीरामभक्ता शबरी भीलनी नहीं ब्राह्मणी थी' लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या मार्गदर्शक:- श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्गम् , जयपुर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते म

31 जुलाई 2021 · 1 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

साहित्य क्षेत्र में गुण्डागर्दी की कभी न भूलने वाली दास्तान..

साहित्य भारतीय इतिहास एवं संस्कृति के प्रकाण्ड विद्वान् और ओजस्वी वक्ता तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरवंशलाल ओबराय (1925-1983) को जाननेवाले और बतानेवाले अब कम ही लोग जीवित हैं। आज डॉ. ओबराय जी की न तो जन्मतिथि है और न ही पुण्यतिथि। किन्तु आज स

28 जुलाई 2021 · 20 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

डॉ. हरवंशलाल ओबराय - हिन्दू संस्कृति के प्रखर संरक्षक

महान् कर्मयोगी डॉ. हरवंशलाल ओबराय का जन्म दिनांक 21 अक्टूबर, 1925 को रावलपिण्डी के एक पंजाबी खत्री दम्पति श्री धर्मचन्द्र एवं रामकौर ओबराय के घर में हुआ था। सन् 1947 में देश-विभाजन के पश्चात् उनको सपरिवार भारत आना पड़ा। हरवंशलाल ओबराय जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता थे। ब

28 जुलाई 2021 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

बी.एच.यू. के संस्थापक महामना मालवीय के विरुद्ध कुप्रचार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय से सम्बद्ध, महामना मालवीय जी के व्यक्तित्व-कृतित्व पर शोधकार्य करनेवाले विद्वान् और इतिहासप्रेमियों का ध्यान एक अति महत्त्वपूर्ण विषय की ओर आकृष्ट कर रहा हूँ। वह विषय यह है कि इधर कुछ दिनों से निरन्तर देखने और पढ़ने में आ रहा है कि दरभंगा-राजपरिवार और मिथि

12 जुलाई 2021 · 6 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

श्रीगुरुजी गोलवलकर का पुण्य स्मरण

पुण्य स्मरण है उन परमपूजनीय श्रीगुरुजी माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर का जिन्हें माधव कहकर याद किया जाता है। सम्भवतया इसलिए रखा होगा उनके माता पिता ने 'माधव' नाम कि उनकी 9वीं व एकमात्र जीवित सन्तान बच पाए थे वे, माधव की तरह ही, पर क्या पता था कि यही सन्तान आगे चलकर महाभारतनायक गीताप्र

30 जून 2021 · 7 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

नरेन्द्र मोदी इजरायल पर क्या सोचते हैं?

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी इजरायल पर, अपनी पुस्तक 'सेतुबन्ध' में लिखते हैं, "दो हजार वर्ष पूर्व आक्रमणकारियों ने इजराइल को तहस-नहस कर डाला। वहाँ के कुछ लोग विश्व में भिन्न-भिन्न स्थानों में बिखर चुके थे, फिर भी अपने आत्मगौरव से भरे पहले और दूसरे विश्वयुद्ध की परिस्थिति का लाभ उठ

21 मई 2021 · 3 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

येरुशलम की अल अक्सा मस्जिद और 1969 के गुजरात दंगे

येरुशलम की जो अल अक्सा मस्जिद चर्चा में बनी हुई है उसका 1969 के गुजरात दंगों से क्या सम्बन्ध है? 21 अगस्त 1969 का दिन था, जब ऑस्ट्रेलिया के डेनिस माइकल रोहन नाम के एक ईसाई मिशनरी ने अल अक्सा मस्जिद में आग लगा दी थी। रोहन का मानना था कि अल-अक्सा मस्जिद को जलाने से Second Coming of

21 मई 2021 · 4 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

क्या है 21 तोपों की सलामी का इतिहास

यदि आप कभी भी एक सैन्य अंतिम संस्कार या स्मारक समारोह में भाग लेते हैं, तो आप सैनिकों के समूह को गर्व से राइफल पकड़े हुए देख सकते हैं। फिर, एक विशिष्ट समय में, वे अपने हथियारों को आकाश को निशाना बनाते हैं और फायर करते हैं। यह प्रथा दुनिया भर में काफी आम है और कई परंपराओं के साथ,

6 मार्च 2021 · 2 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

क्या सौरव गांगुली बन सकते हैं बंगाल के मुख्यमंत्री !

2000 में कप्तान के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम की बागडोर संभालने वाले गांगुली को कई चीजों की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है । टीम के खेलने के तरीके में प्रतिमान बदलाव लाने से लेकर टीम में अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को पूरी तरह से समर्थन देने के लिए, टीम में आक्रामकता पैदा करने के

4 मार्च 2021 · 2 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

अमेरिका द्वारा फिदेल कास्त्रो को मारने की विचित्र योजनाएँ

उसके पूर्व गुप्तचरसेवा प्रमुख के अनुसार, फिदेल कास्त्रो अपने जीवन जीवन में ह्त्या के कम से कम 634 प्रयासों से बचा था। वह आंकड़ा सही हो या नहीं पर क्यूबा के इस तानाशाह ने सीआईए द्वारा नियोजित अनेकों और विचित्र हत्या योजनाओं को असफल किया था। उन ह्त्या प्रयासों से हम यहाँ 6 प्रमुख व

3 मार्च 2021 · 3 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

कितनी पावरफुल है इजरायली लॉबी!

20 वीं सदी की शुरुआत से ही जातीय अल्पसंख्यक हित समूहों ने अमेरिका की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक गुट जो प्रभाव के संदर्भ में सबसे आगे खड़ा है, वह इजरायल समर्थक दबाव समूहों का गुट है। दशकों तक इजरायल के लिए अमेरिका का समर्थन एक निश्चित सत्य रहा है, लेकिन कभी-क

2 मार्च 2021 · 4 मिनट का पाठ

कम्युनिज्म (वामपंथ) के खोखलेपन पर श्री गुरुजी गोलवलकर के विचार
राजनीति · इतिहास

कम्युनिज्म (वामपंथ) के खोखलेपन पर श्री गुरुजी गोलवलकर के विचार

"हमारे देश में जनतंत्र की गम्भीर असफलताओं में कम्युनिज्म की बढ़ती हुई विभीषिका है, जो जनतान्त्रिक विधान की मानी हुई शत्रु है। जनता के समक्ष की गई अपनी आर्थिक अपील में कम्युनिस्टों से कही पिछड़ न जायें, इस प्रयास से हमारे नेतागण कम्युनिस्टों की ही भाषा तथा कार्यक्रमों को स्वयं भी

15 अक्टूबर 2020 · 5 मिनट का पाठ

माइक्रोसॉफ्ट का मिथिलाक्षर व भारतीय लिपियों से सौतेला व्यवहार
राजनीति · इतिहास

माइक्रोसॉफ्ट का मिथिलाक्षर व भारतीय लिपियों से सौतेला व्यवहार

माइक्रोसॉफ्ट अपने मंगल फॉण्ट में तो (देवनागरी) टाइप करने देता है किन्तु SMP प्लेन के मिथिलाक्षर में न तो टाइपिंग सम्भव है और न ही कॉपी-पेस्ट, क्योंकि उसके Word में LOOKUP को प्रतिबन्धित किया गया है जिसके बिना किसी भी भारतीय लिपि में टाइपिंग असम्भव है क्योंकि भारतीय लिपियों में बह

25 सितम्बर 2020 · 10 मिनट का पाठ

मेवाती लोग मुसलमान कैसे बने?
राजनीति · इतिहास

मेवाती लोग मुसलमान कैसे बने?

आजकल प्रायः ऐसे समाचार आते रहते हैं कि मेवात के मुसलमान बहुल क्षेत्रों में हिंदुओं पर अत्याचार, हिंदुओं का पलायन। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में विस्तृत यह प्रदेश जो कभी 100% हिन्दू था इस परिस्थिति में कैसे पहुँच गया कि वहाँ हिंदुओं की संख्या इतनी अल्प और शक्ति इतनी क्षीण

2 सितम्बर 2020 · 3 मिनट का पाठ

पाकिस्तान का संविधान - एक विश्वस्तरीय मज़ाक
राजनीति · इतिहास

पाकिस्तान का संविधान - एक विश्वस्तरीय मज़ाक

पाकिस्तान का निर्माण मजहबी कट्टरता के उस सिद्धान्त के आधार पर हुआ जो यह मानता है कि इस्लाम किसी अन्य संस्कृति के साथ सह अस्तित्व से नही रह सकता। उसके संविधान का मुख्य प्रेरक तत्त्व भी यही सिद्धान्त रहा। मार काट हत्या बलात्कार के बीच हो रहे बँटवारे के बीच नवोदित इस्लामिक राज्य पाक

31 अगस्त 2020 · 5 मिनट का पाठ

How Brahmins welcomed Alexander
राजनीति · इतिहास

How Brahmins welcomed Alexander

Brahmins of Malav Republic: When the republics of Malvas and Kshudrakas made a confederacy to face Alexander, 5000 Brahmins from Malav republic left the pen for sword and died fighting. Only a few were captured. Brahmins of Musicanus (Mushika) and Oxycanus: When the two kings Mus

3 जुलाई 2020 · 3 मिनट का पाठ

क्या अभिजीत बनर्जी पर देश को गर्व है?
राजनीति · इतिहास

क्या अभिजीत बनर्जी पर देश को गर्व है?

पाश्चात्य संस्कृति के प्रसार−प्रचार में नोबेल पुरस्कार जैसे हथकण्डों का खुलकर प्रयोग होता रहा है। रूस के ज़ार को बुरा न लगे इस कारण तॉल्स्तॉय को नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया,हालाँकि पश्चिम में भी हर कोई मानता आया है कि उनसे श्रेष्ठ साहित्यकार विश्व में कोई नहीं था। नोबेल पुरस्कार

23 दिसम्बर 2019 · 10 मिनट का पाठ

26 दिन उपवास कर ऐसे वीर सावरकर ने बुलाया मृत्यु को..
राजनीति · इतिहास

26 दिन उपवास कर ऐसे वीर सावरकर ने बुलाया मृत्यु को..

"आ मृत्यु...आ...तू आ" 83 वर्ष की आयु में वीर सावरकर ने हिन्दू साधुओं की प्राचीन परंपरा अपनाकर, 1 फरवरी, तिथि माघ शुक्ल एकादशी को अन्न, जल और दवाइयों का त्याग कर दिया। उनका कहना था, "जब जीवन मिशन पूरा हो जाए, और समाज की सेवा करने लायक ताकत न बचे, तब मृत्यु का स्वयं वरण कर लेना चाह

20 दिसम्बर 2019 · 3 मिनट का पाठ

आंग सान सू की - म्यांमार की माँ को हर भारतीय का नमन
राजनीति · इतिहास

आंग सान सू की - म्यांमार की माँ को हर भारतीय का नमन

नमन है म्यांमार की नोबल विजेता माँ आंग सान सू की को, जो अंतराष्ट्रीय दबाव को दरकिनार कर अपने देश के साथ अडिगता से खड़ी रहीं। अनेक अवार्ड पहले ही छीन लिए जाने और वैश्विक वामपंथी शक्तियों द्वारा नोबल छीनने की धमकियों को धता बताकर उन्होंने अपने देश का साथ दिया। आज ब्रह्मदेश का जन जन

14 दिसम्बर 2019 · 3 मिनट का पाठ

मार्क्सवादी विचारधारा की भारत के इतिहास और वर्तमान से गद्दारी
राजनीति · इतिहास

मार्क्सवादी विचारधारा की भारत के इतिहास और वर्तमान से गद्दारी

वर्ष 2004 में शंकर शरण की एक किताब "Marxism and Writing of Indian History" प्रकाशित हुई थी। पुस्तक में यह उल्लेख है कि मार्क्सवादियों द्वारा सायास तथ्यों को छुपाकर यह तर्क़ गढ़ा गया है कि अल्पसंख्यक होने के कारण मुसलमानों को असुरक्षा महसूस हुई। यथार्थ यह है कि वे इस 'असुरक्षा' भा

15 सितम्बर 2019 · 7 मिनट का पाठ

सुब्रमण्यम भारती - दक्षिण के क्रांतिकारी कवि
राजनीति · इतिहास

सुब्रमण्यम भारती - दक्षिण के क्रांतिकारी कवि

11 दिसंबर तमिल भाषा के महाकवि सुब्रमण्यम भारती का जन्मदिवस है , एक ऐसे साहित्यकार जो सक्रिय रूप से स्वतंत्रता आंदोलन में स्वयं तो शामिल रहे ही, उनकी रचनाओं से प्रेरित होकर दक्षिण भारत में बड़ी तादाद में आम लोग भी आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। 11 दिसंबर 1882 को तत्कालीन मद्रास प्रे

6 मई 2019 · 2 मिनट का पाठ

एक मुस्लिम कभी वामपंथी क्यों नहीं हो सकता?
राजनीति · इतिहास

एक मुस्लिम कभी वामपंथी क्यों नहीं हो सकता?

एक मुस्लिम कभी वामपंथी क्यों नहीं हो सकता? 2004 की सर्दियों में SFI के संसद मार्च में जाने का मौका मिला था। हुमायूँ के किले के पास के एक कैंप में दो दिन और दो रातें गुजारनी थी। बिहार, केरल और कर्नाटक के कॉमरेडों के रहने के लिये एक बड़ा हॉल आरक्षित था। जितने भी वामपंथी वहां बिहार

10 मार्च 2019 · 5 मिनट का पाठ

सर्फ एक्सेल का एड क्यों विभाजनकारी मानसिकता का प्रतीक है?
राजनीति · इतिहास

सर्फ एक्सेल का एड क्यों विभाजनकारी मानसिकता का प्रतीक है?

'सर्फ एक्सेल' का विज्ञापन आज चर्चा में है पर उस विज्ञापन के बीच एक गंभीर विषय भी है जिसपर मानवीय संवेदना को समझने और गढ़ने वाले लोग चिंतित नहीं होते और इनका चिंतित न होना ही भारत में अलगाववाद, विखंडन और इनके जैसी दूसरी मानसिकताओं का पोषण करती है। दिनांक 27 फरवरी 2018 को सर्फ एक्स

10 मार्च 2019 · 5 मिनट का पाठ

गुरु गोविन्द सिंह - एक महान कर्मप्रणेता, अद्वितीय धर्मरक्षक
राजनीति · इतिहास

गुरु गोविन्द सिंह - एक महान कर्मप्रणेता, अद्वितीय धर्मरक्षक

सिखपंथ के दशम गुरू, गुरू गोविन्द सिंह एक महान कर्मप्रणेता, अद्वितीय धर्मरक्षक, ओजस्वी वीर रस के कवि के साथ ही संघर्षशील वीर योद्धा भी थे। उनमें भक्ति और शक्ति, ज्ञान और वैराग्य, मानव समाज का उत्थान और धर्म एवं राष्ट्र के नैतिक मूल्यों की रक्षा हेतु त्याग एवं बलिदान की भावना कूट क

6 मार्च 2019 · 6 मिनट का पाठ

इस्लामिक कट्टरवाद की चपेट से जिन्ना और इक़बाल भी नहीं बचेंगे.
राजनीति · इतिहास

इस्लामिक कट्टरवाद की चपेट से जिन्ना और इक़बाल भी नहीं बचेंगे.

पाकिस्तान सरकार की अधिकृत वेबसाइट पर जायेंगें तो दो लोगों की फोटो मुख्य पृष्ठ पर मिलेंगी. एक "अल्लामा इकबाल" और दूसरे "मुहम्मद अली जिन्ना"। पाकिस्तान में इन दोनों का मुक़ाम किसी 'वलीउल्लाह' से कम नहीं है इसलिये वहां के लोग इन दोनों के नाम के आगे बड़े फ़ख्र से रहमतुल्लाहअलैहे (यान

6 मार्च 2019 · 5 मिनट का पाठ

क्या कपिल मिश्रा की एक कविता से डर गए आतंकियों के पैरोकार?
राजनीति · इतिहास

क्या कपिल मिश्रा की एक कविता से डर गए आतंकियों के पैरोकार?

पुलवामा हमले के बाद चालीस से अधिक जवानों के बलिदान के बाद हर देशवासी गमजदा है, पर इस मौके पर भी भारत में बैठे कुछ पाकिस्तान समर्थक गंदी राजनीती से बाज नहीं आ रहे हैं| बार बार देशद्रोह के काम कर चुका ये टुकड़े टुकड़े गैंग कभी सेना को बलात्कारी बता रहा है, कभी कश्मीरी पत्थरबाजों को म

25 फ़रवरी 2019 · 6 मिनट का पाठ

मोदी सरकार के ये 15 कदम भारतीय सेना को बना देंगे अत्याधुनिक
राजनीति · इतिहास

मोदी सरकार के ये 15 कदम भारतीय सेना को बना देंगे अत्याधुनिक

2014 में जबसे मोदी सरकार केंद्र में आई है, तब से भारतीय सेना की सुदृढ़ता सरकार के सबसे महत्वपूर्ण एजेंडे में शामिल रही है। बीते 5 सालों में भारतीय सेना को अत्याधुनिक और सबसे मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गये हैं, जिससे भारतीय सेना विश्व की सबसे शक

6 फ़रवरी 2019 · 11 मिनट का पाठ

मिशनरियों के लिए संकट है प्रधानमंत्री मोदी की 'आयुष्मान भारत योजना'
राजनीति · इतिहास

मिशनरियों के लिए संकट है प्रधानमंत्री मोदी की 'आयुष्मान भारत योजना'

'बाईबल' के 'पुराने नियम' में मातृत्व को जहाँ अभिशाप माना गया है वहीं हमें होने वाली हर बीमारी को वरदान। इसकी वजह ये बताई गई है कि परमेश्वर हमें बीमारी इसलिये देता है ताकि हम शुद्ध होकर सोने की तरह बन सकें। इसलिये उनके मतप्रचारक रोगियों को अपने खलिहान की उन फसलों में मानतें हैं जि

31 जनवरी 2019 · 6 मिनट का पाठ

पिछले पांच साल में केंद्र सरकार ने किए हैं ये 13 बड़े काम
राजनीति · इतिहास

पिछले पांच साल में केंद्र सरकार ने किए हैं ये 13 बड़े काम

2014 में केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद अब दूसरा चुनाव नजदीक आ गया है| इसलिए हर जगह सरकार के कार्यों का मूल्यांकन होना शुरू हो गया है, जो कि एक सुदृढ़ लोकतंत्र में आवश्यक भी है ताकि जनता तक विकास और तमाम मूलभूत सुविधाओं का लाभ भी पहुंचे और वह अपने लिए एक हितैषी सरकार भी चुन सके|

30 जनवरी 2019 · 6 मिनट का पाठ

जॉर्ज फर्नांडीस का जाना: राष्ट्रवाद के एक स्वर्णिम युग का अंत
राजनीति · इतिहास

जॉर्ज फर्नांडीस का जाना: राष्ट्रवाद के एक स्वर्णिम युग का अंत

जॉर्ज फर्नांडीस नहीं रहे| अल्जाइमर के चलते याददाश्त भुला देने से यादों से तो वो बहुत पहले ही ओझल हो गए, आज इस दुनिया से भी हमेशा के लिए ओझल हो गए| पीछे रह गयीं उनकी यादें जो उन्हें अवश्य भावुक करती रहेंगी जिनके लिए वो अनथक विद्रोही और गैर-कांग्रेसवाद के सबसे बड़े स्तम्भ थे| आपातक

30 जनवरी 2019 · 4 मिनट का पाठ

भारत रत्न प्रणब मुखर्जी: एक शानदार प्रधानमंत्री जो मिल न सका
राजनीति · इतिहास

भारत रत्न प्रणब मुखर्जी: एक शानदार प्रधानमंत्री जो मिल न सका

दीनदयाल उपाध्याय, माधवराव सिंधिया, राजेश पायलट की श्रेणी में रखे जाने के लिए आवश्यक नहीं कि आपकी हत्या ही की जाए बल्कि आपको राष्ट्रपति भी बनाया जा सकता है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं उनकी जिन्हें पूरा देश दादा कहता है। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 'पोल्टू दा' एक बेहतरीन

25 जनवरी 2019 · 4 मिनट का पाठ

गोकुला जाट- भारतीय इतिहास के एक भूले हुए नायक
राजनीति · इतिहास

गोकुला जाट- भारतीय इतिहास के एक भूले हुए नायक

विश्व की सभ्यताओं तथा संस्कृतियों के सृजन तथा विकास में भारत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्राचीनतम देशों में होने के कारण यह देश विश्व की अनेक घुमक्कड़ जातियों, कबीलों तथा काफिलों की शरणस्थली रहा है। यूनानी, ईरानी, शक, हूण, पठान तथा मुगल समय-समय पर भारत में घुसपैठ करते रहे हैं,

6 जनवरी 2019 · 17 मिनट का पाठ

भारतेंदु हरिश्चंद्र: आधुनिक हिंदी के पितामह जिनकी जिंदगी लंबी नहीं बड़ी थी
राजनीति · इतिहास

भारतेंदु हरिश्चंद्र: आधुनिक हिंदी के पितामह जिनकी जिंदगी लंबी नहीं बड़ी थी

भारतेंदु हरिश्चंद्र को केवल 35 वर्ष की आयु मिली, लेकिन इतने ही समय में उन्होंने गद्य से लेकर कविता, नाटक और पत्रकारिता तक हिंदी का पूरा स्वरूप बदलकर रख दिया। हिन्दी साहित्य के माध्यम से नवजागरण का शंखनाद करने वाले भारतेंदु हरिश्चंद्र का जन्म काशी में 9 सितम्बर, 1850 को हुआ था। इन

6 जनवरी 2019 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे - से क्या मिला देश को?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विपक्ष ये आरोप लगाता है कि वे हर वक्त विदेश यात्रा पर होते हैं। मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री अब तक अपने 48 महीने के कार्यकाल के दौरान 41 बार विदेश यात्रा की है जिसके तहत उन्होंने 50 से ज्यादा देशों का दौरा किया है। इन 41 विदेश यात्राओं में कुल 355 करोड़ र

29 दिसम्बर 2018 · 10 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

क्या मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 'असली' मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हैं?

मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह की कांग्रेस सरकार गये हुए 15 साल से भी ज्यादा गुजर चुके हैं, पर आज तक मध्यप्रदेश कांग्रेस पर दिग्विजय सिंह राज करते हैं| कहने को तो मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों में दिग्विजय सिंह चुनाव प्रचार में बहुत सक्रिय नहीं दिखे| पूरे चुनाव प्रचार में ज्योतिरा

28 दिसम्बर 2018 · 3 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

क्या सच में खत्म हो गया तीन तलाक़? मुस्लिम महिलाओं को क्या मिला?

तीन तलाक से जुड़ा नया विधेयक गुरुवार को करीब 5 घंटे चली चर्चा के बाद लोकसभा से पारित हो गया। विधेयक के पक्ष में 245 और विरोध में 11 वोट पड़े। वोटिंग के दौरान कांग्रेस, अन्नाद्रमुक, द्रमुक और सपा के सदस्यों ने वॉकआउट कर दिया। अब यह विधेयक राज्यसभा जाएगा। सरकार 8 जनवरी तक चलने

27 दिसम्बर 2018 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

योगी सरकार ने ऐसे दूर की कुम्भ को लेकर पुरी शंकराचार्य की शिकायत..

प्रयागराज में आगामी मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक अर्धकुम्भ का आयोजन हो रहा है जो हिन्दू धर्म व भारतीय संस्कृति का एक अद्भुत और महत्वपूर्ण अंग है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुम्भ की तैयारियों में जोरशोर से जुटे हुए हैं। प्रयागराज कुम्भ को पूरे विश्व में पहचान द

19 दिसम्बर 2018 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

बुलंदशहर हिंसा में हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए माफ़ी मांगेगी मीडिया?

बुलंदशहर की घटना के बाद वामपंथी विचारधारा के अराष्ट्रीय तत्वों की बांछे खिल उठी हैं| दोनों की संयुक्त कोशिश है अखलाक प्रकरण के बाद एक बार फिर से हिंदूओं को बदनाम किया जाए| इस कोशिश में वामपंथी मीडिया का भी साथ मिल चुका है। हिंदूओं को बदनाम करने की यह खबर देश की सीमा के सात समंदर

8 दिसम्बर 2018 · 6 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

भारत की सात महान महिला शासिकाएं

रुद्रम्मा देवी ये 13 वीं शताब्दी में काकतीय वंश की महिला शासिका थीं। इन्होंने अपने समय मे समाज के निचले तबके से लोगों को सेना में भर्ती किया और उन्हें जागीरें भी दीं। मुख्य रूप से इन्हें पहले पूर्वी गंग व यादव राजाओं से युद्ध लड़ना पड़ा कितुं रानी ने स्वयं युद्व में भाग लिया और विज

8 दिसम्बर 2018 · 3 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

जातिवादी दलों के समर्थक गरीब और अशिक्षित ही क्यों होते हैं?

पिछले दिनों राजा भैया की लखनऊ में रैली हुई थी। इसलिए मेरे मन में विचार आया कि सोशल मीडिया के माध्यम से सर्वे किया जाए कि रैली में जो लोग शामिल हुए थे वह किस पृष्ठभूमि से आते हैं। कल से लेकर आज तक यानि दो दिनों के कठिन परिश्रम के बाद इसी फेसबुक पर सौ लोग मिले जो राजा भैया के लखनऊ

4 दिसम्बर 2018 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

क्या राजस्थान में हनुमान बेनीवाल जाटों की ही बढ़ा रहे मुश्किलें?

मेरी विधानसभा सीट पर राजस्थान के एक 28 वर्षीय उभरते हुए प्रतिभावान युवा जाट छात्र नेता मुकेश भाकर कांग्रेस की टिकिट पर प्रत्याशी है|मुकेश एक सामान्य किसान सैनिक परिवार से आते हैं| मुकेश के दादाजी और उनके 3 अन्य भाई यानी कुल 4 भाई भारतीय सेना में रहे हैं और 1962 का युद्ध लड़े हैं|

28 नवम्बर 2018 · 3 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

केरल जलप्रलय के बहाने कम्यूनिस्टों ने रची देश तोड़ने की साज़िश

इस पोस्ट में मैनें चार तस्वीर को संकलित किया है जिसमें दो Twitter एकाउंट के स्क्रिन शाॅट है तो बाकी के दो तस्वीरों पर इसी लेख में आगे चर्चा करूंगा। जिन लोगों के Twitter एकाउंट से मैंने यह ट्वीट लिया है उनमें से एक रामचंद्र गुहा इतिहासकार है तो दुसरा एम.के. वेणु "द वायर" नामक मैगज

20 अगस्त 2018 · 3 मिनट का पाठ

2019 में कौन है पीएम मोदी की टक्कर में?
राजनीति · इतिहास

2019 में कौन है पीएम मोदी की टक्कर में?

यद्यपि पीएम मोदी से मुकाबला करने के लिए विपक्ष गठबंधन की तैयारी कर रहा है। और सर्वसहमति न बनने पर विपक्ष ने बिना चेहरे के चुनाव में उतरने की तैयारी कर ली है

10 अगस्त 2018 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

असम में अवैध घुसपैठ द्वारा निर्मित नागरिकता संकट की पूरी कहानी, भाग-4

पहले पढ़ें भाग – 1, 2, 3 असम में अवैध घुसपैठ द्वारा निर्मित नागरिकता संकट की पूरी कहानी, भाग-1 असम में अवैध घुसपैठ द्वारा निर्मित नागरिकता संकट की पूरी कहानी, भाग-2 असम में अवैध घुसपैठ द्वारा निर्मित नागरिकता संकट की पूरी कहानी, भाग-3 इंदिरा गांधी और शेख मुजीबुर्रहमान के बीच समझौत

1 अगस्त 2018 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

असम में अवैध घुसपैठ द्वारा निर्मित नागरिकता संकट की पूरी कहानी, भाग-3

पहले पढ़ें भाग – 1,2 असम में अवैध घुसपैठ द्वारा निर्मित नागरिकता संकट की पूरी कहानी, भाग-1 असम में अवैध घुसपैठ द्वारा निर्मित नागरिकता संकट की पूरी कहानी, भाग-2 भारत की सीमाओं के भीतर ही राजधानी दिल्ली से 2 हजार किलोमीटर दूर दूसरा प्रांत बसता है जो है पूर्वोत्तर। प्राकृतिक विविधता

1 अगस्त 2018 · 4 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

असम में अवैध घुसपैठ द्वारा निर्मित नागरिकता संकट की पूरी कहानी, भाग-2

पहले पढ़ें भाग - 1 असम में अवैध घुसपैठ द्वारा निर्मित नागरिकता संकट की पूरी कहानी, भाग-1 1983 में असम में विधानसभा चुनाव कराए गए तो कांग्रेस को बहुमत मिला। हितेश्वर सैकिया राज्य के मुख्यमंत्री बने। लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाने के बावजूद असम में असंतोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और हि

31 जुलाई 2018 · 4 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

असम में अवैध घुसपैठ द्वारा निर्मित नागरिकता संकट की पूरी कहानी, भाग-1

असम में पहचान का संकट असम में इस समय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के दूसरे और सम्पूर्ण खंड पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में जिन लोगों के नाम शामिल नहीं होंगे उनको अवैध अप्रवासी माना जाएगा। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का पहला मसौदा जारी किया गया था तो असम के लोग अपनी नागरिक

31 जुलाई 2018 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

अग्निवेश के मिशनरी कनेक्शन का पर्दाफाश

सोनिया सरकार में बड़ी दलाली का काम वही कर सकता था जो रोमन कैथोलिक ईसाई हो। आपको पता होना चाहिए कि सोनिया काँग्रेस के शासनकाल में सबसे बड़े लायजनर्स में अग्निवेश की गिनती होती थी। अग्निवेश सत्ता के गलियारे के चमकते सितारे थे उन दिनों। अग्निवेश की कृपा प्राप्त हो जाने पर सोनियाँ सरका

18 जुलाई 2018 · 4 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

तुलसीदास द्वारा कबीर की फ़ज़ीहत

लोक में कबीर और तुलसीदास के सत्संग (एनकाउंटर) की अनेक कथाऐं व्याप्त हैं वामदृष्टि मसिजीवी चाहे जो भी कहें। मसलन, एक कथा सबने सुनी है कि भूजा भूजने वाली भरभूज से कबीर भूजा मांगते हैं कि ‘ऐ मेरे बाप की मेहर’ भूजा दे और स्त्री उनको चइला ले के दौड़ा लेती है दूसरी तरफ तुलसीदास कहते हैं

9 जुलाई 2018 · 4 मिनट का पाठ

बालासाहब देवरस -  सरसंघचालक जिन्होंने संघ को देशव्यापी बनाया
राजनीति · इतिहास

बालासाहब देवरस - सरसंघचालक जिन्होंने संघ को देशव्यापी बनाया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक श्री मधुकर दत्तात्रेय देवरस उपाख्य बालासाहब देवरस ‘सामाजिक समरसता और सेवाकार्यों द्वारा सामाजिक उत्थान’ के पुरोधा के रूप में जाने जाते हैं। बाल्यकाल से जीवन के अंतिम क्षण समाज में फैले कुरीतियों, विषमताओं और अभावों को दूर करने के लिए उन्

23 मार्च 2018 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

स्टरलाइट टेक भारतीय नौसेना के लिए अगली पीढ़ी का संचार नेटवर्क विकसित करेगी

गुरूग्राम, भारत, February 27, 2018 रू3500-करोड़ का सिस्टम एकीकरण प्रोजेक्ट भारतीय नौसेना को विश्वस्तर पर सबसे आधुनिक नौसैनिक बलों के अनुरूप डिजिटल संचार नेटवर्क से लैस करेगा । Sterlite Tech [BSE: 532374, NSE: STRTECH], जो कि वेब-स्केल डिजिटल नेटवर्कों में वैश्विक तकनीकी अग्रणी कंप

21 मार्च 2018 · 3 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

श्रीनिवास रामानुजन : जो सचमुच जानते थे "असंख्य" को

22 दिसम्बर उन महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जन्मदिवस होता है, जो विश्व के महानतम गणितज्ञों में गिने जाते हैं । और जिन्हें गणित के क्षेत्र में वही सम्मान प्राप्त है, जो विज्ञान के क्षेत्र में अल्बर्ट आइन्सटीन को| उनके लिखे कई सूत्र या प्रमेय आज भी हल नहीं किये जा सके ह

23 दिसम्बर 2017 · 6 मिनट का पाठ

सौन्दर्य प्रतियोगिताओं के सामाजिक एवं आर्थिक निहितार्थ
राजनीति · इतिहास

सौन्दर्य प्रतियोगिताओं के सामाजिक एवं आर्थिक निहितार्थ

तो मानुषी छिल्लर को मिल गया सौन्दर्य ताज और आप लहालोट हो उछलने लगे। छिल्लर ने कह दिया कि मां को मातृत्व और उसकी ममता का मूल्य सैलरी में मिलना चाहिए और आपको यह बड़ी अच्छी बात लगी। कसम से आपकी क्यूटनेस को नमन रहेगा। अब जरा पिछले पंद्रह दिनों के घटनाओं पर नजर डालिए। मूडीस(टाम मूडी नह

22 नवम्बर 2017 · 8 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

आर्य अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ - जीवन का अचर्चित पक्ष

. 22 अक्टूबर को अपने देश की क्राँतिकारी श्रंखला के दैदीप्यमान नक्षत्र अमर शहीद अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ का जन्मदिन है| अमर शहीद रामप्रसाद 'बिस्मिल' के परम मित्र इस हुतात्मा ने काकोरी काण्ड में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। ब्रिटिश शासन ने उनके ऊपर अभियोग चलाया और 19 दिसम्बर सन् 1927 को

26 अक्टूबर 2017 · 4 मिनट का पाठ

प्रेमनाथ डोगरा : जिन्होंने शेख अब्दुल्ला के षड्यंत्रों को विफल किया
राजनीति · इतिहास

प्रेमनाथ डोगरा : जिन्होंने शेख अब्दुल्ला के षड्यंत्रों को विफल किया

कश्मीर के भारत में विलय से लेकर आज तक कश्मीर में जो हालात हैं और जिस तरह से देशद्रोह भड़काने, कश्मीर की "आजादी" की बातें और पाकिस्तानी झण्डे लहराने की घटनाएं लगातार हो रही हैं, वे अत्यंत चिंताजनक हैं और ऐसे में याद आती है उस विभूति की जिसने डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर

25 अक्टूबर 2017 · 11 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

लक्ष्मी सहगल : आजाद हिन्द फ़ौज की सेनापति के जीवन के अनछुए पहलू

24 अक्टूबर को आजाद हिन्द फौज की रानी लक्ष्मी रेजिमेन्ट की कमाण्डर तथा आजाद हिन्द सरकार में महिला मामलों की मंत्री कैप्टन लक्ष्मी सहगल का जन्मदिवस है। उनका जन्म 24 अक्तूबर 1914 को मद्रास उच्च न्यायालय के सफल वकील डॉ. एस. स्वामीनाथन के परंपरावादी तमिल में घर हुआ था| लक्ष्मी की माँ

25 अक्टूबर 2017 · 6 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

गणेश शंकर विद्यार्थी- वह पत्रकार जो भगत और आज़ाद का प्रेरणास्त्रोत था

साहित्य की सदैव से समाज में प्रमुख भूमिका रही है। स्वाधीनता आन्दोलन के दौरान पत्र-पत्रिकाओं में विद्यमान क्रान्ति की ज्वाला क्रान्तिकारियों से कम प्रखर नहीं थी। इनमें प्रकाशित रचनायें जहाँ स्वतन्त्रता आन्दोलन को एक मजबूत आधार प्रदान करती थीं, वहीं लोगों में बखूबी जन जागरण का कार्

25 अक्टूबर 2017 · 8 मिनट का पाठ

हेमचन्द्र विक्रमादित्य - अंतिम हिन्दू सम्राट
राजनीति · इतिहास

हेमचन्द्र विक्रमादित्य - अंतिम हिन्दू सम्राट

आपको इतिहास की किताबों ने ये तो बताया होगा कि हुमायूँ के बाद शेरशाह सूरी दिल्ली की गद्दी पर काबिज हुआ, इन्हीं किताबों में आपने ये भी पढ़ा होगा कि हुमायूं ने किसी मल्लाह या भिस्ती को एक दिन के लिये राज सौंपा था जिसने चमड़े के सिक्के चलाये थे, उन्हीं किताबों में आपने शायद ये भी पढ़ा ह

8 अक्टूबर 2017 · 10 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

विनयकृष्ण बसु : दो-दो अंग्रेज आई.जी. अधिकारियों का वध करने वाले

कल भारतमाता को दासता की बेड़ियों से मुक्त कराने के संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानी विनयकृष्ण बसु का जन्मदिवस है| उनका जन्म वर्तमान बंगलादेश के मुंशीगंज जिले के रोहितभोग में इंजीनियर रेबतीमोहन बसु के घर 11 सितम्बर 1908 में हुआ था| मैट्रिक की पढाई के बाद उन्ह

10 सितम्बर 2017 · 3 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

When Akbar Married his Step-Mom

Massacre of the civilians of Chittaur, Harem of hundreds of concubines etc. are countless achievements for which Mughal emperor Jalaluddin Muhammad Akbar is called Akbar The Great. In this article we are going to tell you one of his great achievements which is least discussed. We

26 अगस्त 2017 · 2 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

मदनलाल धींगरा : लन्दन में अंग्रेज अधिकारी को गोली मारने वाले

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन अनेक क्रांतिकारियों के संघर्षों, त्यागमय कार्यों तथा साहसिक गतिविधियों की अमर गाथा है, परन्तु देश की आजा़दी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले इन महान क्रां‍तिकारियों का उल्लेख करने में आधुनिक इतिहासकारों ने अत्यधिक कृपणता दिखाई है। हमें ये सिखाया

23 अगस्त 2017 · 29 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

जब बीना दास द्वारा चलायी गयी गोलियों से थर्रा उठा कलकत्ता विश्वविद्यालय

वो 6 फरवरी 1932 का दिन था जब कलकत्ता विश्वविद्यालय के कनवोकेशन हाल में बैठे सैकड़ों लोग एक युवती द्वारा लगातार चलायी जा रही गोलियों से स्तब्ध रह गए, जिनका निशाना कोई और नहीं बल्कि बंगाल का तत्कालीन गवर्नर स्टेनले जैक्सन था| हालाँकि जैक्सन बच गया पर युवा लड़की के इस साहस ने पूरे ब

23 अगस्त 2017 · 3 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

कोई आखिरी ख्वाहिश भगत सिंह ? काश एक बार चाचा जी से मिल लेता!

सशस्त्र क्रान्ति की बात हो और उसमें शहीद-ए-आजम भगत सिंह का नाम ना आये, ये असंभव है क्योंकि केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व इतिहास में भी बहुत कम आयु में ही क्रान्तिपथ के राही के रूप में वो अपना एक अलग स्थान बना गए। पर कितने लोग जानते हैं कि भगत सिंह को क्रान्तिपथ को चुनने की प्रेरण

15 अगस्त 2017 · 38 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

पेशवा बाजीराव : पिछली सहस्त्राब्दि के महानतम हिन्दू सेनापति

विश्व इतिहास, कई सारी महान सभ्यताओं के उत्थान और पतन का गवाह रहा है। अपने दीर्घकालीन इतिहास में हिंदू सभ्यता ने दूसरों द्वारा अपने को नष्ट करने के लिए किये गये विभिन्न आक्रमणों और प्रयासों को सहा है। यद्यपि इसके चलते इसने वीरों और योद्धाओं की एक लंबी शृंखला उत्पन्न की है, जो आक्र

9 अगस्त 2017 · 15 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

चंद्रशेखर आज़ाद - आज़ाद था आज़ाद हूँ आज़ाद रहूँगा.

यों देखा जाए तो 1857 के महायुद्ध से बहुत पहले ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध देशवासियों का संघर्ष शुरू हो चुका था। सत्तावन का विप्लव बहुत संगठित रूप में सामने आया और इसीलिए दुनिया उसे जान पायी। यह महासंग्राम दबा दिया गया पर भारतीय समाज में इसकी अनुगूँज देर तक बनी रही। भले ही ऊपर

24 जुलाई 2017 · 29 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

लाला हरदयाल: जिन्होंने अमेरिका से लड़ी भारत की आज़ादी की लड़ाई!

स्वतंत्रता संग्राम के प्रंमुख सेनानी लाला हरदयाल जी के बारे में लोग कम ही जानते है। उसका एक प्रमुख कारण यह भी है कि उनकी वैचारिक एवं व्यवहारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र देश से बाहर विदेश में, खासकर अमेरिका में रहा। लाला जी में प्रचण्ड बौद्धिक क्षमता के साथ आत्म त्याग की और राष्

18 जुलाई 2017 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

तीन सगे चाफेकर भाई जो देश के लिए फांसी पर चढ़ गये

उनका जन्म पेशवाओं की राजधानी रही पूना के पास चिंचवाड़ नामक गाँव में हरि विनायक चाफेकर और द्वारका चाफेकर के घर में एक चित्तपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था, जो मूलतः कोंकण के वेलानेश्वर से संबध रखता था। एक समय में यह परिवार धनाढ्य था पर परिस्थितयोंवश निर्धनता के भंवर में फंस गया था

17 जुलाई 2017 · 11 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

हरगोपाल बल : 13 वर्ष की आयु में अंग्रेजों से युद्ध करके वीरगति पाने वाले

22 अप्रैल चटगाँव शस्त्रागार पर हमला करके अंग्रेजों को नाकों चने चबवा देने वाले क्रातिकारियों में से एक और इस हमले की अगुआई कर रहे मास्टर सूर्य सेन के प्रमुख साथी लोकनाथ बल के छोटे भाई हरगोपाल बल का निर्वाण दिवस है| वर्तमान बांग्लादेश के चटगाँव जिले के कानूनगोपारा नामक गाँव में अप

16 जुलाई 2017 · 4 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

अंग्रेज कलेक्टर को गोली मारने वाली वीर सुनीति, जिसे हम भूल गये

वीरांगना सुनीति का जन्म 22 मई 1917 को वर्तमान बंगलादेश के कोमिला जिले में इब्राहिमपुर गाँव में एक सामान्य मध्यमवर्गीय हिन्दू परिवार में हुआ था। उनके पिता उमाचरण चौधरी सरकारी नौकरी में थे और माता सुरसुंदरी चौधरी एक अत्यंत धार्मिक महिला जिन्होंने सुनीति के जीवन पर अत्यंत गहरा प्रभा

27 जून 2017 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

रासबिहारी बोस : आजाद हिन्द फौज के संस्थापक, हार्डिंग पर बम फेंकने वाले

देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले क्रांतिकारियों का जब जब जिक्र होगा, 1911 से 1945 तक अनवरत अपने आपको भारत की आज़ादी की लड़ाई के लिए तिल तिल गलाने वाले महान क्रांतिकारी रासबिहारी बोस का नाम हमेशा आदर के साथ लिया जाता रहेगा, जिनका 25 मई को जन्मदिवस है। रासबिहा

27 जून 2017 · 16 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

करतार सिंह सराभा : उन्नीस वर्ष की आयु में फांसी पर चढ़ने वाले वीर

24 मई एक ऐसे अमर शहीद का जन्मदिवस है जिसका नाम भी हम में से बहुतों ने नहीं सुना होगा पर जिसने उस आयु में जब हम आप अपने परिवार के प्रति भी अपना उत्तरदायित्व नहीं समझते, खुद को देश पर बलिदान कर दिया| मात्र 19 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले इस हुत

27 जून 2017 · 7 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

अमर बलिदानी महावीर सिंह

आइये परिचित होते हैं अमर बलिदानी महावीर सिंह से। उनका जन्म 16 सितम्बर 1904 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले के शाहपुर टहला नामक एक छोटे से गाँव में उस क्षेत्र के प्रसिद्द वैद्य कुंवर देवी सिंह और उनकी धर्मपरायण पत्नी श्रीमती शारदा देवी के पुत्र के रूप में हुआ था| प्रारंभिक शिक्षा गाँव

27 जून 2017 · 13 मिनट का पाठ