Dharma & Culture

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धर्म · संस्कृति

धर्म की परंपरा, लोकाचार और सांस्कृतिक स्मृति पर गंभीर विवेचन — शास्त्र से लेकर समकालीन समाज तक।

कन्यादान हो या वरदान! अब आप ही बताईये क्या बुराई है?
धर्म · संस्कृति

कन्यादान हो या वरदान! अब आप ही बताईये क्या बुराई है?

क्या कन्यादान सिर्फ खैरात है? क्यों होता है कन्यादान और क्या यह स्त्री का अपमान है? जानिए हिन्दू विवाह संस्कार में कन्यादान का सही अर्थ, उसका सांस्कृतिक और वैदिक महत्व। पढ़ें वरदान बनाम कन्यादान की सच्ची व्याख्या, ब्रह्म विवाह का रहस्य और उन कुतर्कों का उत्तर जो हिन्दू परम्पराओं को गलत साबित करते हैं।

अमित शर्मा · 22 सितम्बर 2021 · 5 मिनट

धर्म · संस्कृति

सर्वधर्मसमभाव के प्रतिकार में आत्मघाती कमियां

विगत ९० वर्षों में मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति बढ़ जाने से भारतीय संस्कृति को बहुत क्षति पहुंची है। अली मौला अल्लाह को ईश्वर के समतुल्य दिखा कर छद्म धर्मनिरपेक्षता ने हमारी मूल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना को पंगु बना दिया है। परिभाषिक दृष्टि से भी रिलीजन और मजहब धर्म से भिन्न

18 सितम्बर 2021 · 8 मिनट का पाठ

संत रविदास और तत्कालीन समाज
धर्म · संस्कृति

संत रविदास और तत्कालीन समाज

संत रविदास निम्न लेख प्रतिज्ञ @RamaInExile द्वारा लिखित है । संत रविदास संत शिरोमणि वैष्णवाचार्य संत रविदास जी रामानंदी संप्रदाय के एक महान आचार्य थे। श्री आद्य गुरु रामानंदाचार्य द्वारा दीक्षित संत रविदास तथाकथित निम्न जाति से थे। उनसे संबंधित साहित्यिक इतिहास और उनके स्वयं रचित

3 सितम्बर 2021 · 8 मिनट का पाठ

युधिष्ठिर का द्यूत - वैदिक रहस्यमयी अक्षविद्या
धर्म · संस्कृति

युधिष्ठिर का द्यूत - वैदिक रहस्यमयी अक्षविद्या

धर्मराज युधिष्ठिर को जुआरी कहना गलत है । धर्मराज युधिष्ठिर ने जीवन में कितनी बार द्यूत खेला?“व्यसनी” कहलाने के लिये कितनी बार खेलना पड़ता है? द्यूतविद्या को जुआ कहना भी गलत है । धर्मराज युधिष्ठिर को ऋषि से द्यूतविद्या क्यों सीखनी पड़ी?ऋषि के सिवा अन्य कोई शिक्षक क्यों नहीं मिला?शकु

1 सितम्बर 2021 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

ॐ का सही उच्चारण कैसे होता है?

अष्टाध्यायी (१⋅२⋅३४) का कथन है कि “जप,न्यूङ्ख तथा साम के सिवा यज्ञकर्म में एकश्रुति का पाठ किया जा सकता है” । किसी भी वेदमन्त्र में जब दीर्घ “ॐ” (वा ह्रस्व “उ” अथवा “ओ”) को जोड़ना पड़े तो उस “ॐ” को “न्यूङ्ख” कहते हैं । एकश्रुति का अर्थ है सारे स्वरों को एक ही स्वर मानकर पाठ करना ।

1 सितम्बर 2021 · 2 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

मेधा, कौतूहल, जिज्ञासा का अर्थ और झुण्ड प्रवृत्ति

मेधा और झुण्ड “जो धर्म की रक्षा करता है,धर्म उसकी रक्षा करता है ।” धर्म का अर्थ है वैदिक यज्ञ,अर्थात् वैदिक कर्म का काण्ड । धर्म के दस लक्षण हैं — धृति क्षमा दम अस्तेय शौच इन्द्रियनिग्रह धी विद्या सत्य अक्रोध । किन्तु ये सब तो केवल लक्षण हैं जिनके आधार पर हम पहचान सकते हैं कि अमु

1 सितम्बर 2021 · 8 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

पूर्णावतार भगवान् श्रीकृष्ण - धर्म और रासलीला

कृष्णपक्ष!उसपर अष्टमी!वह भी दक्षिणायन वाली!केवल पूर्णावतार ही इसे झेल सकते हैं,और इसे शुभ बना सकते हैं! एक महायुग में श्रीविष्णु के दस अवतार होते हैं जिनमें केवल तीन ही पूर्णावतार हैं । उन तीनों में से केवल कृष्णावतार ही दो युगों के लिये होते हैं — द्वापर और कलि,क्योंकि कलियुग मे

1 सितम्बर 2021 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

युधिष्ठिर - सार्वभौम दिग्विजयी हिन्दूराष्ट्र निर्माता सम्राट

जैसा कि युधिष्ठिर जी आदि पर विवाद देखने को मिलता है तो हमें महाभारत में ही देखना चाहिए कि युधिष्ठिर आदि पाण्डव स्वयं से भी शक्तिशाली या धर्मपुंज थे अथवा नवयुगी दुष्प्रचार अनुसार मात्र श्रीकृष्ण की दया पर ही लंबित थे क्योंकि ऋषि बार बार उनको धर्मराज कह रहे तब उनका वचन मिथ्या नहीं

1 सितम्बर 2021 · 13 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

शतभिषा नक्षत्र के स्वामी वरुण देव के मन्त्र

चन्द्रप्रभं पंकजसन्निषण्णं पाशांकुशाभीतिवरं दधानम्। मुक्ताविभूषांचितसर्वगात्रं ध्यायेत् प्रसन्नं वरुणं विभूत्यै। जिनके शरीर की कांति चंद्रमा के समान है, जो पंकज पर आसीन हैं, जो अपने हाथों में पाश, अंकुश, अभय तथा वरमुद्रा धारण किए हुए हैं। जिनका समस्त शरीर मोतियों के आभूषणों से भू

1 सितम्बर 2021 · 2 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

चातुर्मास्य में व्रत का विधि विधान व नियम

चातुर्मास्य-व्रतविधान लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या श्रीवृन्दावन धाम प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य श्री गंगाधर पाठक स्वस्थशरीर के साथ ही मन

19 जुलाई 2021 · 9 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

हिन्दू संगठन व जातिवाद पर सावरकर और गोलवलकर

जाति और हिन्दू संगठन पर दोनों वाक्यों को ध्यान से पढिये और अंतर समझिए। 1. "जब तक हिन्दू में जातिभाव समाप्त नहीं होता, हिन्दू संगठन और हिन्दू जागरण असम्भव है।" - वीर सावरकर 2. "यदि हिन्दू जागृत हो गया तो वह स्वतः संगठित हो जाएगा और जातिभेद की चुनौती को बहुत अच्छे से प्रत्युत्तर दे

11 जुलाई 2021 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

रामजन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय कौन हैं ?

क्या ऐसे ही किसी ऐरे गैरे को विहिप का सर्वेसर्वा बना दिया जाएगा ? या फिर रामजन्मभूमि ट्रस्ट का महासचिव ? आज जानिए कौन हैं चम्पत राय जी... जन्मभूमि ट्रस्ट के सचिव श्री चम्पत राय। 1975 इँदिरा गाँधी द्वारा थोपे आपातकाल के समय बिजनौर के धामपुर स्थित आर एस एम कॉलेज में एक युवा प्रोफेस

10 जुलाई 2021 · 4 मिनट का पाठ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या करता और मानता है?
धर्म · संस्कृति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या करता और मानता है?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या करता और मानता है? जब मैं छोटा था तब स्कूल में एक व्यक्ति ने धूम्रपान पर भाषण दिया था। वह भाषण इतना जबरदस्त था कि बाद में कई वर्ष तक मैं यही सोचता था कि दुनिया की सभी समस्याओं की जड़ धूम्रपान ही है। मेरा मानना था कि जिस दिन धूम्रपान समाप्त होगा, संसार स

8 जुलाई 2021 · 7 मिनट का पाठ

भीलनी शबरी के झूठे बेर श्रीराम द्वारा खाना वाल्मीकि रामायण से सिद्ध है
धर्म · संस्कृति

भीलनी शबरी के झूठे बेर श्रीराम द्वारा खाना वाल्मीकि रामायण से सिद्ध है

आजकल कुछ अति विद्वान समाज में यह भ्रम प्रचारित कर रहे हैं कि शबरी के "झूठे बेर" की कथा रामायण में नहीं है, व शबरी निम्न जाति की भक्त नहीं बल्कि उच्च वर्ण की स्त्री है। यह न केवल शास्त्र के परम तात्पर्य के प्रतिकूल है वरन सामाजिक समरसता हेतु भी अत्यन्त हानिप्रद एवं अहंकार-द्वेष का

3 जुलाई 2021 · 13 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

"पौराणिक श्रीसूतजी परिचय" - आचार्य गङ्गाधर पाठक | डाउनलोड करें

'श्रीसूतजी का प्रामाणिक परिचय' लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या मार्गदर्शक:- श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्गम् , जयपुर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित

29 जून 2021 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

“श्रीसुरभ्यष्टोत्तरसहस्रनाममालिका” – आचार्य गङ्गाधर पाठक | डाउनलोड करें

श्रीसुरभ्यष्टोत्तरसहस्रनाममालिका लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या मार्गदर्शक:- श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्गम् , जयपुर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहि

26 जून 2021 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

"महर्षि वाल्मीकि परिचय" - आचार्य गङ्गाधर पाठक | डाउनलोड करें

'महर्षि वाल्मीकि परिचय' लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या मार्गदर्शक:- श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्गम् , जयपुर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य

25 जून 2021 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

“गवार्चनप्रयोगः” – आचार्य गंगाधर पाठक | डाउनलोड करें

'गवार्चनप्रयोगः' लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या मार्गदर्शक:- श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्गम् , जयपुर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य श्री गं

25 जून 2021 · 2 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

महारासलीला का लोकसन्देश

महारासलीला का लोकसन्देश लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या श्रीवृन्दावन धाम प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य श्री गंगाधर पाठक ब्रह्मादिजयसंरूढदर्पक

12 जून 2021 · 10 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

"श्रीवेदव्यास पूजापद्धति" - आचार्य गङ्गाधर पाठक | डाउनलोड करें

'श्रीवेदव्यास पूजापद्धति' लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या श्रीवृन्दावन धाम प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य श्री गंगाधर पाठक 'श्रीवेदव्यास पूजाप

11 जून 2021 · 2 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

आयुर्वेद – आयु का वेद – सम्पूर्ण रोगमुक्तपद्धति

लेखक:- आचार्य वासुदेव मिश्र वेद विज्ञाता यत्रौषधीः समम्मत राजानः समिताविव । विप्रः स उच्यते भिषग् रक्षोहामीवचातनः ॥ ऋग्वेदः १०-९७-६ ॥ राजा जिसप्रकार सङ्ग्राममें अपने सैनिकोंके साथ विराजते हैं, उसीप्रकार शल्यादि अष्टतन्त्रज्ञ नाडीविज्ञान विशारद जिस विद्वानपुरुष नाना प्रकारके औषधीग

11 जून 2021 · 15 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

"गावो जगन्मातरः" - आचार्य गंगाधर पाठक | डाउनलोड करें

'गावो जगन्मातरः' लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या मार्गदर्शक:- श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्गम् , जयपुर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य श्री गं

11 जून 2021 · 2 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

"श्रीसुरभिस्तोत्रावलिः" - आचार्य गङ्गाधर पाठक | डाउनलोड करें

श्रीसुरभिस्तोत्रावलिः लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या श्रीवृन्दावन धाम मार्गदर्शक:- श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्गम् , जयपुर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य

11 जून 2021 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

"श्रीसुरभियागपद्धति" - आचार्य गंगाधर पाठक | डाउनलोड करें

'श्रीसुरभियागपद्धति:' लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या मार्गदर्शक:- श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्गम् , जयपुर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य श्

8 जून 2021 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

हिन्दू धर्म में विदेश यात्रा : इतिहास और शास्त्र

सनातन धर्म के सभी शास्त्रों में भारतभूमि को साक्षात देवभूमि माना गया है, जहाँ ईश्वर के अवतार हुए, असंख्य ऋषि मुनि, तपस्वी हुए। समस्त शास्त्र जहाँ प्रकट हुए। इस भारतभूमि पर जन्म अनेक पुण्यों के फलस्वरूप कहा गया है जहाँ देवता भी आने को लालायित रहते हैं। इसका कारण है कि भारत की पवित

3 जून 2021 · 7 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

बृहस्पति कवच

बृहस्पति कवच श्रीगणेशाय नमः । अस्य श्रीबृहस्पतिकवच स्तोत्रमन्त्रस्य ईश्वर ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, गुरुर्देवता, गं बीजं, श्रीशक्तिः, क्लीं कीलकं, गुरुप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः । अभीष्टफलदं देवं सर्वज्ञं सुरपूजितम् । अक्षमालाधरं शान्तं प्रणमामि बृहस्पतिम् ॥ १॥ बृहस्पतिः शिरः पातु लला

22 मई 2021 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

बृहस्पति स्तोत्र

बृहस्पति स्तोत्र श्री गणेशाय नमः । अस्य श्रीबृहस्पतिस्तोत्रस्य गृत्समद ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, बृहस्पतिर्देवता, बृहस्पतिप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः । गुरुर्बृहस्पतिर्जीवः सुराचार्यो विदांवरः । वागीशो धिषणो दीर्घश्मश्रुः पीताम्बरो युवा ॥ १॥ सुधादृष्टिर्ग्रहाधीशो ग्रहपीडापहारकः । दयाकर

22 मई 2021 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

पश्चिमी प्रचार तन्त्र की पिपासा और हिन्दू जागरूकता

भारत के वास्तविक चरित्र और स्वरूप को ईसाई जनता तक या पश्चिमी लोक तक न पहुँचने देने में चर्च नियंत्रित मीडिया का बहुत बड़ा हाथ है। उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी तक यह तन्त्र पूर्ण सफल होने के कारण अत्यन्त मनबढ और " कैरेक्टर मेकर " हो गया था। पश्चिमी प्रचारतन्त्र के पास चर्च-चालित विश

16 मई 2021 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

Gender Equality: A way towards DOOMSDAY

According to ancient tanra, Men's soul is made of positive charge and women's got Negative Charge. Biological Difference: Men's body is having fundamentally difference. That's creation of semen. In semen, you'll find both seeds (X & Y). Women don't have Y. In Humans, each cell no

9 अप्रैल 2021 · 4 मिनट का पाठ

खतरनाक ईसाई चरित्र पर श्रीगुरुजी गोलवलकर के विचार
धर्म · संस्कृति

खतरनाक ईसाई चरित्र पर श्रीगुरुजी गोलवलकर के विचार

"जहाँ तक ईसाइयों का सम्बन्ध है, ऊपरी तौर से देखने वाले को तो वे नितान्त निरूपद्रवी ही नहीं वरन् मानवता के लिए प्रेम एवं सहानुभूति के मूर्तिमान स्वरूप प्रतीत होते है। उनकी वक्तृतायें 'सेवा' एवं 'मानवोद्धार' जैसे शब्दों से परिपूर्ण रहती है। और उनसे ऐसा प्रतीत होता है मानो उस सर्वशक

14 अक्टूबर 2020 · 4 मिनट का पाठ

विभाजन के बाद मुसलमान संकट पर श्रीगुरुजी गोलवलकर के विचार
धर्म · संस्कृति

विभाजन के बाद मुसलमान संकट पर श्रीगुरुजी गोलवलकर के विचार

मुसलमानों की स्वाभाविक प्रवृत्ति व तद्जनित आसन्न राष्ट्रीय संकट के बारे में श्रीगुरुजी की स्पष्ट धारणा उनकी पुस्तक "विचार नवनीत" (Bunch of Thoughts) से मिलती है, श्रीगुरुजी कहते हैं, "विभाजन के बाद यह कहने वाले अनेकों लोग मौजूद हैं कि अब मुसलमान समस्या बिल्कुल नहीं रही। पाकिस्तान

13 अक्टूबर 2020 · 4 मिनट का पाठ

जब गुरु वशिष्ठ जी ने कहा सीता जी ही करेंगी अयोध्या का शासन.
धर्म · संस्कृति

जब गुरु वशिष्ठ जी ने कहा सीता जी ही करेंगी अयोध्या का शासन.

जब सीताजी व लक्ष्मणजी सहित श्रीराम वन जाने की आज्ञा लेने दशरथ जी व महर्षि वशिष्ठ के पास आए तो क्रूर कैकेयी उन तीनों के लिए तुरन्त वल्कल वस्त्र ले आई। श्रीराम व लक्ष्मण जी ने तो चीर के वस्त्र पहन लिए पर जब सीताजी वह वस्त्र पहनने लगीं तो सारी स्त्रियाँ विलाप करने लगीं व श्रीराम से

26 सितम्बर 2020 · 2 मिनट का पाठ

जब भगवान् श्रीकृष्ण ने की भीष्म पितामह की स्तुति!
धर्म · संस्कृति

जब भगवान् श्रीकृष्ण ने की भीष्म पितामह की स्तुति!

युधिष्ठिर जी ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा - हे पुरुषोत्तम! आप यह किसका ध्यान कर रहे हैं? यह तो बड़े आश्चर्य की बात है। इस त्रिलोकी का कुशल तो है न? आपके शरीर में रहने वाली प्राणवायु रुक गई है। आपके रोंगटे खड़े हो गये हैं। जरा भी हिलते नहीं हैं। माधव! आप लकड़ी, दीवार और पत्थर की तरह

26 सितम्बर 2020 · 3 मिनट का पाठ

श्रीराम का वनगमन और वेदज्ञ ब्राह्मणों की प्रार्थना
धर्म · संस्कृति

श्रीराम का वनगमन और वेदज्ञ ब्राह्मणों की प्रार्थना

जब भगवान श्रीराम वनगमन कर रहे थे तो उनके पीछे नगर के सब लोग चलने लगे। उन लोगों में तीन प्रकार के ब्राह्मण थे। कोई वयोवृद्ध थे, कोई ज्ञानवृद्ध थे तो कोई तपोवृद्ध थे। वयोवृद्धों में कुछ तो इतने वृद्ध थे जिनकी गर्दन पर उनके सिर काँप रहे थे। वे ब्राह्मण दूर से पुकार रहे थे- हे वेगवान

8 अगस्त 2020 · 3 मिनट का पाठ

नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के वीरोचित निर्णय
धर्म · संस्कृति

नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के वीरोचित निर्णय

हिन्दूराष्ट्र के निर्मम शून्य आकाश में एकाएक अनेक वर्ण के मेघ परिधावी संवत्सर में उभरे हैं। एक विकट महापरिवर्तन आरम्भ हो चुका है। सर्वराज सम्राट परमभट्टारक श्री नरेन्द्र मोदी और सर्वाध्यक्ष महादण्डनायक श्री अमित शाह द्वारा पहले 370 नाम की दुर्धारा का उन्मूलन, फिर श्रीरामजन्मभूमि

4 जनवरी 2020 · 3 मिनट का पाठ

मदरसा : जिहाद का ऐतिहासिक उद्योग
धर्म · संस्कृति

मदरसा : जिहाद का ऐतिहासिक उद्योग

भारत या किसी भी देश में जबतक मदरसे रहेंगे तबतक जिहादी मानसिकता और आतंकवाद रहेंगे। मदरसा शब्द की व्युत्पत्ति सेमेटिक भाषाओं में “द् र् स्” धातु से मद्रसः शब्द की व्युत्पत्ति अरबी में हुई जिसे उर्दू में मदरसा कहते हैं। बिना स्वर के कोई शब्द या धातु बन ही नहीं सकता,सेमेटिक धातु की अ

23 दिसम्बर 2019 · 4 मिनट का पाठ

ऐसा हो अयोध्या में श्री राम मन्दिर का भव्य नवनिर्माण...
धर्म · संस्कृति

ऐसा हो अयोध्या में श्री राम मन्दिर का भव्य नवनिर्माण...

आज भी कभी श्री राम मन्दिर के बारे में सोचता हूँ तो अयोध्या का सच एक सपने जैसा लगता है। और जब यह सच होने वाला है तो और भी ज्यादा सपने मन में कोलाहल मचाए हुए हैं। जन्मभूमि की 67 एकड़ भूमि ही नहीं, समूची अयोध्या ही देवशिल्पी विश्वकर्मा का इंतज़ार कर रही है। इक्ष्वाकु वंश की यह अजेय भू

20 दिसम्बर 2019 · 11 मिनट का पाठ

Is India Developing a Rape Outrage Culture
धर्म · संस्कृति

Is India Developing a Rape Outrage Culture

India definitely doesn't have a rape culture but it has been developing a rape outrage culture lately whenever any rape in a specific spatio-temporal context happens. The outrage is different for different sort of rapes which I don't want to dwell but the public opinion expressed

3 दिसम्बर 2019 · 2 मिनट का पाठ

Hindu Dharma Needs To Spread
धर्म · संस्कृति

Hindu Dharma Needs To Spread

Intellectual integrity and truth are obviously unwanted in our times. These have been displaced by political correctness. Why this happened is a mystery, but mainstream media and other agencies vehemently enforce the politically correct opinion. They drum into us powerfully what

22 अक्टूबर 2019 · 9 मिनट का पाठ

What Do Western Atheists Feel About Hinduism?
धर्म · संस्कृति

What Do Western Atheists Feel About Hinduism?

It seems truth cannot be told anymore. I had written an answer to the above question on Quora, but after over 11k views it was taken down, allegedly violating the “be nice, be respectful” policy. I cannot see anything objectionable in my answer. Why would they let it ‘collapse’?

22 अक्टूबर 2019 · 3 मिनट का पाठ

Buddha was a Hindu.
धर्म · संस्कृति

Buddha was a Hindu.

Some years ago, I met an American from Seattle, who studied Sanskrit at the university there. He had come to India to meet his guru and had even taken an Indian name. He told me that westerners, including professors, at his university who had accepted Buddhism had no hesitation t

22 अक्टूबर 2019 · 6 मिनट का पाठ

Nobody Should Be Persecuted By A Faith
धर्म · संस्कृति

Nobody Should Be Persecuted By A Faith

Media is not anymore about giving information. It probably never was. It is about influencing opinion to further the agenda of certain interests and lies are apparently an accepted tool. Lies are often disguised as surveys or even research. Nobody would believe lies if they were

22 अक्टूबर 2019 · 7 मिनट का पाठ

दो सूफियों ने लिया था बाबर से श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर तोड़ने का वचन
धर्म · संस्कृति

दो सूफियों ने लिया था बाबर से श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर तोड़ने का वचन

भारत पर आक्रमण करने से पहले बाबर एक सूफी कलन्दर के छद्म वेष में भारत आया था । कलन्दर बनकर उसने दिल्ली के सुल्तान सिकन्दर लोदी से भी भेंट की । अयोध्या भी गया,जहाँ के दो फकीरों (सूफियों) ने उससे वचन लिया कि वह श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर को तोड़कर वहाँ मस्जिद बनवायेगा तो उसे फकीरों की दु

19 अक्टूबर 2019 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

मूर्तिपूजा - सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण अंग

यह शत-प्रतिशत झूठा प्रचार है कि सनातन धर्म में मूर्तिपूजा नहीं थी। भारत की प्राचीनतम मूर्तियाँ जैनियों या बौद्धों की नहीं हैं। सबसे पहले यह प्रचार अंग्रेजों ने आरम्भ किया कि भारत में ग्रीक राजाओं ने मूर्तिपूजा आरम्भ की, और बाद में ब्रह्म-समाज के छद्म-ईसाईयों तथा आर्यसमाजियों जैसे

17 अक्टूबर 2019 · 6 मिनट का पाठ

'मन्त्र' का अर्थ, प्रयोग और उसके फल
धर्म · संस्कृति

'मन्त्र' का अर्थ, प्रयोग और उसके फल

मन्त्र :- मन के साधन को "मन्त्र" कहते हैं | अर्थात मन जो "संकल्प" ले उसे सत्य बनाने के साधन को मन्त्र कहते हैं | किसी भी वैदिक संहिता में "मन्त्र" नहीं होते | ऋग्वेद में ऋचाएं हैं जिनका प्रयोग यज्ञ में स्तुति हेतु होता है, सामवेद के साम का गान होता है, यजुर्वेद के यजुः से हवि दी

15 अक्टूबर 2019 · 8 मिनट का पाठ

श्रीमद्भागवत व अन्य पुराणों की ऐतिहासिकता और प्रामाणिकता
धर्म · संस्कृति

श्रीमद्भागवत व अन्य पुराणों की ऐतिहासिकता और प्रामाणिकता

कुछ भ्रमित व सांप्रदायिक द्वेषभाव वाले लोग पुराणों में शिरोमणि 'श्रीमद्भागवत' को महर्षि वेदव्यास रचित नहीं मानते और कहते हैं कि श्रीमद्भागवत को 13वीं शताब्दी में बोपदेव नामके एक पंडित ने लिखा था। हालाँकि ये कई जन्मों में भी इसका प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकते। किन्तु व्यर्थ के शब्द

15 अक्टूबर 2019 · 4 मिनट का पाठ

सर्वसम्मति से राम मंदिर बनना हिंदुत्व की आत्महत्या
धर्म · संस्कृति

सर्वसम्मति से राम मंदिर बनना हिंदुत्व की आत्महत्या

आज मैं जो लिखने जा रहा हूँ इससे कुछ लोगों को कष्ट हो सकता है। पर बहुत सोच विचारकर लिख रहा हूँ कि कोर्ट के फैसले या मुसलमानों की सहमति से राम मंदिर बनना हिंदुत्व के लिए आत्मघातक साबित होगा। पहले से ही धर्मनिरपेक्षता की नींद सोया हुआ हिन्दू समाज यदि मुस्लिमों की सहमति से मन्दिर बन

15 अक्टूबर 2019 · 4 मिनट का पाठ

संघ प्रतिशोध क्यों नहीं लेता?
धर्म · संस्कृति

संघ प्रतिशोध क्यों नहीं लेता?

संघ के एक कार्यकर्ता की सपरिवार हत्या कर दी गई- मुर्शिदाबाद में। कुल 4 हत्याएं, अत्यंत वीभत्स और दर्दनाक। संघ प्रतिशोध क्यों नहीं लेता? यह कोई पहली घटना नहीं है। अनेक निर्दोष स्वयंसेवकों की हत्याएं हुईं हैं। जो दल सत्ता में है उसके संस्थापकों की भी हत्याएं हुईं थीं। दीनदयाल उपाध्

12 अक्टूबर 2019 · 5 मिनट का पाठ

केदारनाथ में मोदी और चमचों के मुँह में जहर
धर्म · संस्कृति

केदारनाथ में मोदी और चमचों के मुँह में जहर

आज प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी चौथी बार केदारनाथ पहुंचे हैं, पर आश्चर्य की बात नहीं है कि धर्मद्रोही हिन्दुओं को ही इससे सबसे ज्यादा आपत्ति हो रही है, किसी को दस्त तो किसी को उलटी हो रही है। अपने धार्मिक स्थान पर अपने इष्ट देवता की पूजा करने जाने वाला भक्त भी स्वधर्मियों द्वारा दु

21 मई 2019 · 5 मिनट का पाठ

साम्राज्यलक्ष्मी का प्रकटीकरण राजा के लिए जरूरी
धर्म · संस्कृति

साम्राज्यलक्ष्मी का प्रकटीकरण राजा के लिए जरूरी

सामान्य जन और साधकों के लिये शास्त्र का आदेश है की वो अपनी साधन-भजन-अर्चन को गोप्य रखें। परंतु श्रीमंतो, धनिकों और राजन्यवर्ग जब अपने धार्मिक कर्तव्य का निर्वहन करते हैं तो वहां इस अति कठोर "गोप्यता" के नियम को निरस्त कर दिया गया शास्त्रकारों, लोक समाज के कर्ताओं द्वारा। और उसे प

19 मई 2019 · 3 मिनट का पाठ

Hindus Do Not Worship Women
धर्म · संस्कृति

Hindus Do Not Worship Women

Every one of us must have come across such posts that we (Hindu society) worship women and we rape/molest/harass them. First of all, we need to understand that "We (Hindus) worship women" is absolute nonsense. This moronic idea is being imposed on the Hindu society by the left-li

8 मार्च 2019 · 2 मिनट का पाठ

The Truth Behind The Worship of Shiva Linga
धर्म · संस्कृति

The Truth Behind The Worship of Shiva Linga

On the day of Mahashivratri, you must have observed your parents or grandparents worship the Shiva Linga in the morning. They might have even asked you to come to the temple with them to bathe the linga with water or milk and you may or may not have accompanied them for various r

2 मार्च 2019 · 6 मिनट का पाठ

क्या रामचरितमानस में तुलसीदास जी ने स्त्रीविरोधी बातें लिखी हैं?
धर्म · संस्कृति

क्या रामचरितमानस में तुलसीदास जी ने स्त्रीविरोधी बातें लिखी हैं?

रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास जी की कुछ चौपाइयों को लेकर आजकल जमीन से लेकर आसमान व भारत से लेकर विदेशों तक, अनपढ़ से लेकर बड़े बड़े बुद्धिजीवियों तक बहुत अधिक उहापोह, व दोषारोपण होता रहता है। इसका एकमात्र कारण है भारतीय शास्त्र पद्धति को न समझकर उपन्यास या कहानी अखबारी पद्धति

21 जनवरी 2019 · 8 मिनट का पाठ

What Signifies the Triveni in Prayagraj?
धर्म · संस्कृति

What Signifies the Triveni in Prayagraj?

Prayaga, the site of the ongoing Ardha Kumbha Mela, is the place of what is called the ‘triveni’ (‘triveṇī’,त्रिवेणी). Where does this word come from? Let us first see what two ‘authentic’ foreign dictionaries say on this word. Wilson Sanskrit-English dictionary (1832): त्रि thre

18 जनवरी 2019 · 2 मिनट का पाठ

देवेन्द्र स्वरूप नहीं रहे: एक प्रकाश स्तंभ का बुझ जाना
धर्म · संस्कृति

देवेन्द्र स्वरूप नहीं रहे: एक प्रकाश स्तंभ का बुझ जाना

बिहार में 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ' कार्य प्रचार होने के बिलकुल शुरूआती दौर की बात है। एक प्रचारक को बिहार में संघ कार्य शुरू करने के लिये भेजा गया था। एक किसी बड़े प्रभावशाली व्यक्ति से जब वो सम्पर्क करने गये तो कई दिनों बाद उनसे उनका मिलना हो सका। जब मिले तो उस व्यक्ति ने इस प्

14 जनवरी 2019 · 4 मिनट का पाठ

हिन्दूराष्ट्र का स्वर्णिम संकल्प
धर्म · संस्कृति

हिन्दूराष्ट्र का स्वर्णिम संकल्प

भारत केवल हिंदुओं का, केवल हिंदुओं के लिए और केवल हिंदुओं के द्वारा है यह हमारा अटल विचार है। और यह हमारे हिन्दूराष्ट्र की संकल्पना भी है। जब यह विचार हम व्यक्त करते हैं तो बहुत से हिंदू भी सदियों से पैठी हुई भीरुता के वशीभूत होकर इस संकल्प को हास्यास्पद कह बैठते हैं। वे यह कहने

13 जनवरी 2019 · 4 मिनट का पाठ

स्वामी विवेकानन्द - जिनसे दुनिया भारत को पहचानती है
धर्म · संस्कृति

स्वामी विवेकानन्द - जिनसे दुनिया भारत को पहचानती है

आधुनिक समय में अगर किसी संत ने भारत के जनजीवन, विशेषकर युवा वर्ग पर सर्वाधिक प्रभाव डाला तो वे हैं स्वामी विवेकानन्द। शंकराचार्य के वेदान्त दर्शन को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में नव्य वेदांत के रूप में प्रस्तुत करने वाले स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में पाश्चात्य

12 जनवरी 2019 · 6 मिनट का पाठ

Sabarimala And The Lessons To Be Learnt
धर्म · संस्कृति

Sabarimala And The Lessons To Be Learnt

The communists have deceitfully succeeded in breaking the tradition of Sabarimala. As the protests over this issue continue in Kerala, let's try to have a look on the broader perspective and what lessons Hindus can learn from this whole episode. In the modern era as long as you d

7 जनवरी 2019 · 3 मिनट का पाठ

सज गया प्रयागराज. तस्वीरों में देखिए कुम्भ मेला
धर्म · संस्कृति

सज गया प्रयागराज. तस्वीरों में देखिए कुम्भ मेला

प्रयागराज में आगामी मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक अर्धकुम्भ का आयोजन हो रहा है जो हिन्दू धर्म व भारतीय संस्कृति का एक अद्भुत और महत्वपूर्ण अंग है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुम्भ की तैयारियों में जोरशोर से जुटे हुए हैं। प्रयाग कुम्भ को पूरे विश्व में पहचान दिला

5 जनवरी 2019 · 1 मिनट का पाठ

सबरीमाला पर हिन्दुओं को स्त्रीविरोधी कहने वाले मिशनरी अपना इतिहास देखें
धर्म · संस्कृति

सबरीमाला पर हिन्दुओं को स्त्रीविरोधी कहने वाले मिशनरी अपना इतिहास देखें

केरल के सबरीमाला मंदिर में युवा लड़कियों/ महिलाओं का प्रवेश वर्जित...शिगनापुर शनि मंदिर में लड़कियों का प्रवेश वर्जित... मीडिया में चल रही ऐसी कुछ ख़बरों/ ब्रेकिंग न्यूज़ के बीच आज कुछ रहस्योद्घाटन करना इसलिए जरूरी हो गया है क्योंकि इधर लगातार वेटिकन और अरब के पैसे से अपना चकलाघर चला

3 जनवरी 2019 · 6 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

जाति व्यवस्था का प्राचीन आधार और विशिष्टता

हम संसार में जहाँ भी देखते हैं प्रकृति प्रदत्त विभिन्नता, वैशिष्ट्य, अधिकार अनधिकार भेद और उनका सामंजस्य सहज ही दिखाई देता है। सभी पशु, पक्षी, वृक्ष, पाषाण-धातु आदि जड़ चेतन वस्तुओं में भी भिन्नता की एक वैशिष्ट्य जनित श्रृंखला दिखाई देती है। प्रकृति की यह वैशिष्ट्यपरिपूर्ण विभिन्न

11 दिसम्बर 2018 · 7 मिनट का पाठ

प्रयागराज का यह अर्धकुंभ है बहुत ही खास
धर्म · संस्कृति

प्रयागराज का यह अर्धकुंभ है बहुत ही खास

"चतुर: कुंभाश्चतुर्धा ददामि" - मानव जीवन का परम एवं चरम लक्ष्य है अमृत्व की प्राप्ति। अनादिकाल से अमृतत्व से विमुख मनुष्य उसी अमृतत्व की खोज में सतत प्रयत्नशील है। पुराणवर्णित देवासुर संग्राम एवं समुद्र मंथन द्वारा अमृतप्राप्ति के आख्यान से यह स्पष्ट होता है कि भगवान ने स्वयं मोह

14 नवम्बर 2018 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

धार्मिकता से इतर छठ का महत्त्व

जब चित्रकूट में श्रीराम भरत को राज-काज की शिक्षा दे रहे थे तो उन्होंनें उनसे पूछा था कि तुम्हारे राज्य में पुरोहित और ब्राह्मण सुख से तो हैं न? भरत को कौतूहल हुआ तो पूछ बैठे कि भैया ! आपने ब्राह्मणों का पूछा, ये तो मेरी समझ में आ गया पर आपने पुरोहितों का क्यों पूछा? तो इस पर राम

11 नवम्बर 2018 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

The Dark Side of #MeToo

Much has been said about this with 24*7 pounding on media, feminists hail it as a change of narratives and people are falling into this trap. In all this hullabaloo, no one seems to have time for analyzing other aspects of this so-called movement except for what is being presente

11 अक्टूबर 2018 · 3 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

सच्चे प्रेम की मिसाल है जनकनंदिनी और रघुनंदन का प्रेम

भारतीय संस्कृति में पति-पत्नी की कई आदर्श जोड़ियां मौजूद है पर उनमें सबसे आदर्श जिस जोड़ी को माना जाता है वो रघुनंदन श्री राम और जनकनंदिनी सीता जी की जोड़ी है। ये सबसे आदर्श जोड़ी इसलिये मानी जाती है क्योंकि पति और पत्नी के प्रेम संबंधों की जितनी श्रेष्ठता इस जोड़ी में मिलती है व

6 अक्टूबर 2018 · 6 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

क्या मनुस्मृति महिलाओं का विरोध करती है ??

आजकल कई वामपंथी और नारीवादी हिन्दू धर्म का विरोध करने के लिए हिन्दू धर्मग्रंथ मनुस्मृति पर स्त्रीविरोधी और पितृसत्तात्मक होने का आरोप लगाते हैं जबकि सत्य कुछ और ही है। आश्चर्य तब होता है जब यही लोग कुरान को स्त्री की हितैषी बताते हैं। मनुस्मृति में स्त्रियों के बारे में अनेक ऐसे

18 जुलाई 2018 · 3 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

विवेकानन्द रॉक मेमोरियल - कन्याकुमारी, ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक

विवेकानन्द रॉक मेमोरियल - कन्याकुमारी, एक एतिहासिक संघर्ष का प्रतीक सम्पूर्ण देश में घूमता हुआ भ्रमणशील संन्यासी भारत के दक्षिणी अंतिम छोर पर पहुंचा जहाँ पर प्राचीनकाल से भगवती कन्याकुमारी का मंदिर स्थित है। संन्यासी माँ भगवती के चरणों में गिर पड़ा। वहीं समुद्र में दो चट्टानें हैं

17 जुलाई 2018 · 8 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

हिंदुओं को सेकुलरिज्म की गलत परिभाषा सिखाई गई है, जानें सही परिभाषा

2 नवम्बर 1976 को संविधान के 42वें संशोधन के अंतर्गत भारत एक सेकुलर अर्थात पंथनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित हो गया था। और तभी से स्पष्ट रूप से सेकुलरिज्म के नाम पर राजनीति आरंभ हो गई थी। राजनैतिक दलों के नेताओं ने अपने हिसाब से जनता को लुभाने के लिए सेकुलरिज्म के अर्थ समझाये किन्तु वह सब

11 जुलाई 2018 · 3 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

25 जून 1983 - अभूतपूर्व, अप्रत्याशित, अविस्मरणीय

25 जून 1983.... क्रिकेट इतिहास की सबसे महान और डॉमिनेटिंग टीम और एक उभरती हुई टीम के बीच क्रिकेट की सबसे बड़ी ट्रॉफी उठाने के लिए खेला गया एक मैच..... तीसरे क्रिकेट विश्वकप का फाइनल.. वेस्ट इंडीज़ इससे पहले के दोनों विश्वकप जीत चुकी थी... कप्तान क्लाइव लॉयड 1975 के फाइनल में ऑस्ट्र

8 जुलाई 2018 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

The story of five golden arrows

As Kaurawas were losing the battle of Mahabharata, Duryodhana approached Bhisma one night and accused him of not fighting the Mahabharata war to his full strength because of his affection for Pandavas. Bhisma greatly angered, immediately picked up 5 golden arrows and chanted mant

8 मई 2018 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

क्या पॉस्को अधिनियम में संशोधन न्याय सुनिश्चित कर सकेगा?

कठुआ में हुए तथाकथित बलात्कार काण्ड के बाद उपजे भारी दबाव में सरकार ने ऑर्डिनेंस लाकर पॉस्को एक्ट में बदलाव करके और कठोर प्रावधान शामिल किये. इस बदलाव के बाद से बलात्कार के सभी मामलों में फांसी की आवाजें उठ रही है, लोगों के सवाल हैं आखिर सभी मामलों में फांसी क्यों नहीं? हालाँकि न

22 अप्रैल 2018 · 7 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

Debunking Patriarchy

I moderate around lots of social networking sites forum and each and every post I came across in almost all alternative page I found bizarre narrative behind each & every failure & incompetence of women as postulated by most of the feminists. I am sick and tired of hearin

15 अप्रैल 2018 · 5 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

केन्द्रीय विद्यालयों में संस्कृत प्रार्थना पर बैन क्यों?

केन्द्रीय विद्यालयों में संस्कृत प्रार्थना पर बैन क्यों? असतो मा सदगमय ॥ तमसो मा ज्योतिर्गमय ॥ मृत्योर्मामृतम् गमय ॥ हमें असत्य से सत्य की ओर ले चलो ॥ अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो ॥ मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो ॥ Lead me from falsehood to truth, Lead me from darkness to light, L

11 जनवरी 2018 · 5 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

स्वामी श्रद्धानंद आज और भी प्रासंगिक हैं

वैदिक धर्म, वैदिक संस्कृति, और आर्य जाति की रक्षा के लिए, मरणासन्न अवस्था से उसे पुनः प्राणवान एवं गतिवान बनाने के लिए और उसे सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने के लिये आर्य समाज ने सैंकड़ों बलिदान दिए हैं । और उसमें प्रथम पंक्ति के प्रथम पुष्प हैं स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती । जिनका 23 दिस

23 दिसम्बर 2017 · 11 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

महर्षि वेदव्यास कौन हैं? आइये जानें

पुराणों की गाथा, भाग-2 हिन्दूओं में एक बहुत बड़ा दुष्प्रचार फैलाया गया है कि वेदव्यास कृत पुराण नवीन ग्रन्थ हैं। पुराण नाम से स्पष्ट है कि इसका सम्बन्ध पुराना से है। किसी संस्कृति को खत्म करने के लिए उसके इतिहास को मिटाना पुरानी परम्परा रही है, पुराणों का अपमान करना उसी रीति का अन

20 दिसम्बर 2017 · 3 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

आद्य शंकराचार्य का अद्भुत मंगलाचरण...

संस्कृत साहित्य में ग्रन्थ के प्रारम्भ में मंगलाचरण की सुदीर्घ परम्परा है। सभी उपनिषदों का अपना मंगलाचरण है। मंगलाचरण के बिना कोई कार्य प्रारंभ करें तो उसमें विघ्न पड़ने की आशंका रहती है। पुस्तक के ऊपर श्रीगणेशाय नमः लिखना भी मंगलाचरण ही है। परन्तु भाष्यकार भगवान शंकराचार्य के ब्र

18 दिसम्बर 2017 · 2 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

पैसे कमाना बनाम परिवार पालना

फेमिनिस्टों का कहना है कि चूँकि अब महिलाएँ पैसे कमाने में सक्षम हो गयी हैं, उन्हें पुरुषों से कम ना समझा जाए और यह उनकी परिभाषा है Gender Equality की| लेकिन वोह लोग कुछ बातें या तो भूल रहे हैं या भूले ही रहना चाहते हैं| सबसे पहली बात, केवल मात्र पैसे कमाना और पैसे कमाके परिवार पा

28 नवम्बर 2017 · 2 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

इन 6 जानवरों से की थी माता सीता ने रावण की तुलना

आजकल हिन्दुओं में बड़ी चतुराई से रावण का महिमामंडन किया जा रहा है और यह झूठ फैलाया गया है कि रावण ने किसी स्त्री का स्पर्श नहीं किया था, उसमें वासना थी तो संयम भी था, आदि आदि जिससे रावण को चरित्रवान साबित किया जा सके और लोगों को श्रीराम से दूर करके राक्षस रावण के समीप ले जाया जा स

24 अक्टूबर 2017 · 3 मिनट का पाठ

फेमिनिज्म- घृणा पर आधारित विघटनकारी मानसिकता
धर्म · संस्कृति

फेमिनिज्म- घृणा पर आधारित विघटनकारी मानसिकता

लगभग महीना भर पहले की बात है| मैं अपने कार्यस्थल से अपने घर आ रहा था कि देखा सड़क किनारे लोग भीड़ लगाए खड़े हैं और कुछ लोग उस तरफ दौड़ रहे हैं| ये समझ आ गया कि अभी अभी ही कुछ हुआ है और बाइक को और तेजी से दौड़ा कर भीड़ के पास पहुंचा| वहां देखा कि एक लड़की अपनी स्कूटी सहित सड़क किनारे के ग

4 अक्टूबर 2017 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

जानिए क्या है कैलाश मानसरोवर और राम जन्मभूमि में रिश्ता?

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही घोषणा की थी कि कैलाश मानसरोवर जाने वाले हिन्दू तीर्थयात्रियों को 1 लाख रूपए सरकार की ओर से दिए जाएँगे, इस फैसले के प्रति हिन्दू समाज में काफी उत्साह देखा गया था। हिन्दूओं में वर्तमान योगी सरकार से राम मन्दि

16 जुलाई 2017 · 3 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

श्री राम का सत्य सर्वप्रिय धर्म स्वरूप..

यदि वेदव्यास, आद्य शंकराचार्य, स्वामी दयानन्द आदि वेदज्ञ ऋषि ज्ञान की किसी परोक्ष संस्कृति के किनारे हैं, यदि भगवान श्रीकृष्णचन्द्र अथाह प्रेम और गहन आध्यात्म की किसी अपूर्व धवल जाह्नवी के तट पर हैं, तो श्री राम धर्म, कर्म और करुणा की त्रिवेणी के हृदयंगम प्रयाग-संगम पर खेल रहे है

13 जुलाई 2017 · 8 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

भगवान वेदव्यास की वेदना...

"मैं दोनों हाथ उठाकर पुकार पुकार कर कह रहा हूँ परन्तु मेरी बात कोई नहीं सुनता। धर्म पालन के मार्ग पर मोक्ष तो मिलता ही है, अर्थ और काम भी सिद्ध होते हैं, फिर भी लोग उसका सेवन क्यों नहीं करते?" - महर्षि वेदव्यास, महाभारत, स्वर्गारोहण पर्व, 5/62 ऋग्, यजु, साम और अथर्ववेद के रूप में

13 जुलाई 2017 · 3 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

प्रश्नोपनिषद के गुरु और शिष्य की बातें

प्रश्नोपनिषद का प्रारम्भ इस प्रकार होता है कि सुकेशा, शिविकुमार, सत्यकाम, सौर्यायणि, कौसल्य, भार्गव और कबन्धी, यह ब्रह्मनिष्ठ ऋषि परब्रह्म की खोज करते हुए कि, "वह ब्रह्म क्या है?" इत्यादि जिज्ञासा लेकर उसकी खोज में आचार्य पिप्पलाद के पास हाथों में समिधा लेकर इस भावना से जाते हैं

13 जुलाई 2017 · 5 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

श्री कृष्ण के जीवन में बसा है संसार का हर रूप.

द्रोणाचार्य सरीखे शास्त्रज्ञ गुरु भी धर्म का तत्व नहीं समझ पाए। भीष्म पितामह जैसे धर्म सम्राट को भी धर्म का तत्व शर शैय्या पर लेटने से पहले समझ न आया। यहाँ तक कि धर्म अधर्म के नाम पर दो फाड़ हुए राजाओं में धर्म पक्ष के अर्जुन भी धर्म के नाम पर युद्ध छोड़ भिखारी बनने को तैयार हैं। य

3 जुलाई 2017 · 8 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

वीर बिरसा मुंडा, जिन्होंने वनवासियों को मिशनरियों से बचाया

अंग्रेजों की शोषण नीति और परतंत्रता से भारत वर्ष को मुक्त कराने में अनेक महपुरूषों ने अपनी शक्ति और सामर्थ्य के अनुसार अपना योगदान दिया। उन्हीं में से एक हैं आदिवासी मुंडा समाज में भगवान के रूप में पूजे जाने वाले, 19वीं सदी के एक प्रमुख आदिवासी जननायक एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन

26 जून 2017 · 14 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

महारानी पद्मिनी और उनके जौहर की गाथा...

पद्मिनी स्कूल की बात है, स्कूल में जब कोई टीचर नहीं आते थे तो उनकी जगह टेम्परेरी टीचर कुछ दिन के लिए पढ़ाने आते थे। तब मैं सातवीं क्लास में था और हमारी हिन्दी की मैम एक दो महीने के लिए बाहर गयीं थीं। उनकी जगह एक नीरज सर पढ़ाने आने लगे। टेम्परेरी टीचर्स अक्सर मस्त होते हैं, मज़े में

28 जनवरी 2017 · 6 मिनट का पाठ