लेखक

Rahul Singh Rathore

Rahul Singh Rathore

लेखक मान्य ज्योतिर्विद, व्याख्याता, एवं साहित्य, संस्कृति तथा इतिहास के गहन जानकार हैं

लेख

ज्योतिष

स्वतंत्र भारत की कुण्डली में ऐसी है ग्रहों की स्थिति

ज्योतिष अपने आप में एक क्लिष्ट विद्या है। उसमें भी मेदिनी ज्योतिष तो बहुत ही कठिन है। कोई बहुत समय लगाकर व्यक्तिगत कुण्डली पर तो महारत हासिल कर सकता है, पर मेदिनी ज्योतिष पर कोई भी पूरी तरह दखल नहीं रख सकता। इसका कारण यह है कि मेदिनी ज्योतिष में ग्रहों के बदलती हुई स्थिति का प्रभ

30 जुलाई 2018 · 8 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

क्या आदि शंकराचार्य प्रच्छन्न बौद्ध हैं?

महामहिम आद्यगुरू भगवान शंकराचार्य जी के अद्वैतवाद में कई ऐसी अवधारणायें हैं जो बौद्ध दर्शन के महायानी संप्रदायों माध्यमिक शून्यवाद तथा योगाचार विज्ञानवाद से मिलती-जुलती हैं। यही कारण है कि विभिन्न दर्शनों के कई आचार्यों ने आक्षेप किया है कि शंकर का अद्वैतवाद बौद्ध दर्शन विशेषतः म

28 जुलाई 2017 · 5 मिनट का पाठ