जातिवादी दलों के समर्थक गरीब और अशिक्षित ही क्यों होते हैं?
पिछले दिनों राजा भैया की लखनऊ में रैली हुई थी। इसलिए मेरे मन में विचार आया कि सोशल मीडिया के माध्यम से सर्वे किया जाए कि रैली में जो लोग शामिल हुए थे वह किस पृष्ठभूमि से आते हैं। कल से लेकर आज तक यानि दो दिनों के कठिन परिश्रम के बाद इसी फेसबुक पर सौ लोग मिले जो राजा भैया के लखनऊ
4 दिसम्बर 2018 · 5 मिनट का पाठ