लेखक

विशाल अग्रवाल

विशाल अग्रवाल

लेखक शिक्षक, वरिष्ठ इतिहासविद एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता

लेख

सुब्रमण्यम भारती - दक्षिण के क्रांतिकारी कवि
राजनीति · इतिहास

सुब्रमण्यम भारती - दक्षिण के क्रांतिकारी कवि

11 दिसंबर तमिल भाषा के महाकवि सुब्रमण्यम भारती का जन्मदिवस है , एक ऐसे साहित्यकार जो सक्रिय रूप से स्वतंत्रता आंदोलन में स्वयं तो शामिल रहे ही, उनकी रचनाओं से प्रेरित होकर दक्षिण भारत में बड़ी तादाद में आम लोग भी आजादी की लड़ाई में कूद पड़े। 11 दिसंबर 1882 को तत्कालीन मद्रास प्रे

6 मई 2019 · 2 मिनट का पाठ

गुरु गोविन्द सिंह - एक महान कर्मप्रणेता, अद्वितीय धर्मरक्षक
राजनीति · इतिहास

गुरु गोविन्द सिंह - एक महान कर्मप्रणेता, अद्वितीय धर्मरक्षक

सिखपंथ के दशम गुरू, गुरू गोविन्द सिंह एक महान कर्मप्रणेता, अद्वितीय धर्मरक्षक, ओजस्वी वीर रस के कवि के साथ ही संघर्षशील वीर योद्धा भी थे। उनमें भक्ति और शक्ति, ज्ञान और वैराग्य, मानव समाज का उत्थान और धर्म एवं राष्ट्र के नैतिक मूल्यों की रक्षा हेतु त्याग एवं बलिदान की भावना कूट क

6 मार्च 2019 · 6 मिनट का पाठ

जॉर्ज फर्नांडीस का जाना: राष्ट्रवाद के एक स्वर्णिम युग का अंत
राजनीति · इतिहास

जॉर्ज फर्नांडीस का जाना: राष्ट्रवाद के एक स्वर्णिम युग का अंत

जॉर्ज फर्नांडीस नहीं रहे| अल्जाइमर के चलते याददाश्त भुला देने से यादों से तो वो बहुत पहले ही ओझल हो गए, आज इस दुनिया से भी हमेशा के लिए ओझल हो गए| पीछे रह गयीं उनकी यादें जो उन्हें अवश्य भावुक करती रहेंगी जिनके लिए वो अनथक विद्रोही और गैर-कांग्रेसवाद के सबसे बड़े स्तम्भ थे| आपातक

30 जनवरी 2019 · 4 मिनट का पाठ

स्वामी विवेकानन्द - जिनसे दुनिया भारत को पहचानती है
धर्म · संस्कृति

स्वामी विवेकानन्द - जिनसे दुनिया भारत को पहचानती है

आधुनिक समय में अगर किसी संत ने भारत के जनजीवन, विशेषकर युवा वर्ग पर सर्वाधिक प्रभाव डाला तो वे हैं स्वामी विवेकानन्द। शंकराचार्य के वेदान्त दर्शन को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में नव्य वेदांत के रूप में प्रस्तुत करने वाले स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में पाश्चात्य

12 जनवरी 2019 · 6 मिनट का पाठ

गोकुला जाट- भारतीय इतिहास के एक भूले हुए नायक
राजनीति · इतिहास

गोकुला जाट- भारतीय इतिहास के एक भूले हुए नायक

विश्व की सभ्यताओं तथा संस्कृतियों के सृजन तथा विकास में भारत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्राचीनतम देशों में होने के कारण यह देश विश्व की अनेक घुमक्कड़ जातियों, कबीलों तथा काफिलों की शरणस्थली रहा है। यूनानी, ईरानी, शक, हूण, पठान तथा मुगल समय-समय पर भारत में घुसपैठ करते रहे हैं,

6 जनवरी 2019 · 17 मिनट का पाठ

बालासाहब देवरस -  सरसंघचालक जिन्होंने संघ को देशव्यापी बनाया
राजनीति · इतिहास

बालासाहब देवरस - सरसंघचालक जिन्होंने संघ को देशव्यापी बनाया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक श्री मधुकर दत्तात्रेय देवरस उपाख्य बालासाहब देवरस ‘सामाजिक समरसता और सेवाकार्यों द्वारा सामाजिक उत्थान’ के पुरोधा के रूप में जाने जाते हैं। बाल्यकाल से जीवन के अंतिम क्षण समाज में फैले कुरीतियों, विषमताओं और अभावों को दूर करने के लिए उन्

23 मार्च 2018 · 5 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

केन्द्रीय विद्यालयों में संस्कृत प्रार्थना पर बैन क्यों?

केन्द्रीय विद्यालयों में संस्कृत प्रार्थना पर बैन क्यों? असतो मा सदगमय ॥ तमसो मा ज्योतिर्गमय ॥ मृत्योर्मामृतम् गमय ॥ हमें असत्य से सत्य की ओर ले चलो ॥ अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो ॥ मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो ॥ Lead me from falsehood to truth, Lead me from darkness to light, L

11 जनवरी 2018 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

श्रीनिवास रामानुजन : जो सचमुच जानते थे "असंख्य" को

22 दिसम्बर उन महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जन्मदिवस होता है, जो विश्व के महानतम गणितज्ञों में गिने जाते हैं । और जिन्हें गणित के क्षेत्र में वही सम्मान प्राप्त है, जो विज्ञान के क्षेत्र में अल्बर्ट आइन्सटीन को| उनके लिखे कई सूत्र या प्रमेय आज भी हल नहीं किये जा सके ह

23 दिसम्बर 2017 · 6 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

स्वामी श्रद्धानंद आज और भी प्रासंगिक हैं

वैदिक धर्म, वैदिक संस्कृति, और आर्य जाति की रक्षा के लिए, मरणासन्न अवस्था से उसे पुनः प्राणवान एवं गतिवान बनाने के लिए और उसे सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने के लिये आर्य समाज ने सैंकड़ों बलिदान दिए हैं । और उसमें प्रथम पंक्ति के प्रथम पुष्प हैं स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती । जिनका 23 दिस

23 दिसम्बर 2017 · 11 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

आर्य अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ - जीवन का अचर्चित पक्ष

. 22 अक्टूबर को अपने देश की क्राँतिकारी श्रंखला के दैदीप्यमान नक्षत्र अमर शहीद अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ का जन्मदिन है| अमर शहीद रामप्रसाद 'बिस्मिल' के परम मित्र इस हुतात्मा ने काकोरी काण्ड में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। ब्रिटिश शासन ने उनके ऊपर अभियोग चलाया और 19 दिसम्बर सन् 1927 को

26 अक्टूबर 2017 · 4 मिनट का पाठ

प्रेमनाथ डोगरा : जिन्होंने शेख अब्दुल्ला के षड्यंत्रों को विफल किया
राजनीति · इतिहास

प्रेमनाथ डोगरा : जिन्होंने शेख अब्दुल्ला के षड्यंत्रों को विफल किया

कश्मीर के भारत में विलय से लेकर आज तक कश्मीर में जो हालात हैं और जिस तरह से देशद्रोह भड़काने, कश्मीर की "आजादी" की बातें और पाकिस्तानी झण्डे लहराने की घटनाएं लगातार हो रही हैं, वे अत्यंत चिंताजनक हैं और ऐसे में याद आती है उस विभूति की जिसने डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ मिलकर

25 अक्टूबर 2017 · 11 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

लक्ष्मी सहगल : आजाद हिन्द फ़ौज की सेनापति के जीवन के अनछुए पहलू

24 अक्टूबर को आजाद हिन्द फौज की रानी लक्ष्मी रेजिमेन्ट की कमाण्डर तथा आजाद हिन्द सरकार में महिला मामलों की मंत्री कैप्टन लक्ष्मी सहगल का जन्मदिवस है। उनका जन्म 24 अक्तूबर 1914 को मद्रास उच्च न्यायालय के सफल वकील डॉ. एस. स्वामीनाथन के परंपरावादी तमिल में घर हुआ था| लक्ष्मी की माँ

25 अक्टूबर 2017 · 6 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

गणेश शंकर विद्यार्थी- वह पत्रकार जो भगत और आज़ाद का प्रेरणास्त्रोत था

साहित्य की सदैव से समाज में प्रमुख भूमिका रही है। स्वाधीनता आन्दोलन के दौरान पत्र-पत्रिकाओं में विद्यमान क्रान्ति की ज्वाला क्रान्तिकारियों से कम प्रखर नहीं थी। इनमें प्रकाशित रचनायें जहाँ स्वतन्त्रता आन्दोलन को एक मजबूत आधार प्रदान करती थीं, वहीं लोगों में बखूबी जन जागरण का कार्

25 अक्टूबर 2017 · 8 मिनट का पाठ

हेमचन्द्र विक्रमादित्य - अंतिम हिन्दू सम्राट
राजनीति · इतिहास

हेमचन्द्र विक्रमादित्य - अंतिम हिन्दू सम्राट

आपको इतिहास की किताबों ने ये तो बताया होगा कि हुमायूँ के बाद शेरशाह सूरी दिल्ली की गद्दी पर काबिज हुआ, इन्हीं किताबों में आपने ये भी पढ़ा होगा कि हुमायूं ने किसी मल्लाह या भिस्ती को एक दिन के लिये राज सौंपा था जिसने चमड़े के सिक्के चलाये थे, उन्हीं किताबों में आपने शायद ये भी पढ़ा ह

8 अक्टूबर 2017 · 10 मिनट का पाठ

फेमिनिज्म- घृणा पर आधारित विघटनकारी मानसिकता
धर्म · संस्कृति

फेमिनिज्म- घृणा पर आधारित विघटनकारी मानसिकता

लगभग महीना भर पहले की बात है| मैं अपने कार्यस्थल से अपने घर आ रहा था कि देखा सड़क किनारे लोग भीड़ लगाए खड़े हैं और कुछ लोग उस तरफ दौड़ रहे हैं| ये समझ आ गया कि अभी अभी ही कुछ हुआ है और बाइक को और तेजी से दौड़ा कर भीड़ के पास पहुंचा| वहां देखा कि एक लड़की अपनी स्कूटी सहित सड़क किनारे के ग

4 अक्टूबर 2017 · 4 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

विनयकृष्ण बसु : दो-दो अंग्रेज आई.जी. अधिकारियों का वध करने वाले

कल भारतमाता को दासता की बेड़ियों से मुक्त कराने के संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानी विनयकृष्ण बसु का जन्मदिवस है| उनका जन्म वर्तमान बंगलादेश के मुंशीगंज जिले के रोहितभोग में इंजीनियर रेबतीमोहन बसु के घर 11 सितम्बर 1908 में हुआ था| मैट्रिक की पढाई के बाद उन्ह

10 सितम्बर 2017 · 3 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

मदनलाल धींगरा : लन्दन में अंग्रेज अधिकारी को गोली मारने वाले

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन अनेक क्रांतिकारियों के संघर्षों, त्यागमय कार्यों तथा साहसिक गतिविधियों की अमर गाथा है, परन्तु देश की आजा़दी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले इन महान क्रां‍तिकारियों का उल्लेख करने में आधुनिक इतिहासकारों ने अत्यधिक कृपणता दिखाई है। हमें ये सिखाया

23 अगस्त 2017 · 29 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

जब बीना दास द्वारा चलायी गयी गोलियों से थर्रा उठा कलकत्ता विश्वविद्यालय

वो 6 फरवरी 1932 का दिन था जब कलकत्ता विश्वविद्यालय के कनवोकेशन हाल में बैठे सैकड़ों लोग एक युवती द्वारा लगातार चलायी जा रही गोलियों से स्तब्ध रह गए, जिनका निशाना कोई और नहीं बल्कि बंगाल का तत्कालीन गवर्नर स्टेनले जैक्सन था| हालाँकि जैक्सन बच गया पर युवा लड़की के इस साहस ने पूरे ब

23 अगस्त 2017 · 3 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

कोई आखिरी ख्वाहिश भगत सिंह ? काश एक बार चाचा जी से मिल लेता!

सशस्त्र क्रान्ति की बात हो और उसमें शहीद-ए-आजम भगत सिंह का नाम ना आये, ये असंभव है क्योंकि केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व इतिहास में भी बहुत कम आयु में ही क्रान्तिपथ के राही के रूप में वो अपना एक अलग स्थान बना गए। पर कितने लोग जानते हैं कि भगत सिंह को क्रान्तिपथ को चुनने की प्रेरण

15 अगस्त 2017 · 38 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

पेशवा बाजीराव : पिछली सहस्त्राब्दि के महानतम हिन्दू सेनापति

विश्व इतिहास, कई सारी महान सभ्यताओं के उत्थान और पतन का गवाह रहा है। अपने दीर्घकालीन इतिहास में हिंदू सभ्यता ने दूसरों द्वारा अपने को नष्ट करने के लिए किये गये विभिन्न आक्रमणों और प्रयासों को सहा है। यद्यपि इसके चलते इसने वीरों और योद्धाओं की एक लंबी शृंखला उत्पन्न की है, जो आक्र

9 अगस्त 2017 · 15 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

चंद्रशेखर आज़ाद - आज़ाद था आज़ाद हूँ आज़ाद रहूँगा.

यों देखा जाए तो 1857 के महायुद्ध से बहुत पहले ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध देशवासियों का संघर्ष शुरू हो चुका था। सत्तावन का विप्लव बहुत संगठित रूप में सामने आया और इसीलिए दुनिया उसे जान पायी। यह महासंग्राम दबा दिया गया पर भारतीय समाज में इसकी अनुगूँज देर तक बनी रही। भले ही ऊपर

24 जुलाई 2017 · 29 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

लाला हरदयाल: जिन्होंने अमेरिका से लड़ी भारत की आज़ादी की लड़ाई!

स्वतंत्रता संग्राम के प्रंमुख सेनानी लाला हरदयाल जी के बारे में लोग कम ही जानते है। उसका एक प्रमुख कारण यह भी है कि उनकी वैचारिक एवं व्यवहारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र देश से बाहर विदेश में, खासकर अमेरिका में रहा। लाला जी में प्रचण्ड बौद्धिक क्षमता के साथ आत्म त्याग की और राष्

18 जुलाई 2017 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

तीन सगे चाफेकर भाई जो देश के लिए फांसी पर चढ़ गये

उनका जन्म पेशवाओं की राजधानी रही पूना के पास चिंचवाड़ नामक गाँव में हरि विनायक चाफेकर और द्वारका चाफेकर के घर में एक चित्तपावन ब्राह्मण परिवार में हुआ था, जो मूलतः कोंकण के वेलानेश्वर से संबध रखता था। एक समय में यह परिवार धनाढ्य था पर परिस्थितयोंवश निर्धनता के भंवर में फंस गया था

17 जुलाई 2017 · 11 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

हरगोपाल बल : 13 वर्ष की आयु में अंग्रेजों से युद्ध करके वीरगति पाने वाले

22 अप्रैल चटगाँव शस्त्रागार पर हमला करके अंग्रेजों को नाकों चने चबवा देने वाले क्रातिकारियों में से एक और इस हमले की अगुआई कर रहे मास्टर सूर्य सेन के प्रमुख साथी लोकनाथ बल के छोटे भाई हरगोपाल बल का निर्वाण दिवस है| वर्तमान बांग्लादेश के चटगाँव जिले के कानूनगोपारा नामक गाँव में अप

16 जुलाई 2017 · 4 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

अंग्रेज कलेक्टर को गोली मारने वाली वीर सुनीति, जिसे हम भूल गये

वीरांगना सुनीति का जन्म 22 मई 1917 को वर्तमान बंगलादेश के कोमिला जिले में इब्राहिमपुर गाँव में एक सामान्य मध्यमवर्गीय हिन्दू परिवार में हुआ था। उनके पिता उमाचरण चौधरी सरकारी नौकरी में थे और माता सुरसुंदरी चौधरी एक अत्यंत धार्मिक महिला जिन्होंने सुनीति के जीवन पर अत्यंत गहरा प्रभा

27 जून 2017 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

रासबिहारी बोस : आजाद हिन्द फौज के संस्थापक, हार्डिंग पर बम फेंकने वाले

देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले क्रांतिकारियों का जब जब जिक्र होगा, 1911 से 1945 तक अनवरत अपने आपको भारत की आज़ादी की लड़ाई के लिए तिल तिल गलाने वाले महान क्रांतिकारी रासबिहारी बोस का नाम हमेशा आदर के साथ लिया जाता रहेगा, जिनका 25 मई को जन्मदिवस है। रासबिहा

27 जून 2017 · 16 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

करतार सिंह सराभा : उन्नीस वर्ष की आयु में फांसी पर चढ़ने वाले वीर

24 मई एक ऐसे अमर शहीद का जन्मदिवस है जिसका नाम भी हम में से बहुतों ने नहीं सुना होगा पर जिसने उस आयु में जब हम आप अपने परिवार के प्रति भी अपना उत्तरदायित्व नहीं समझते, खुद को देश पर बलिदान कर दिया| मात्र 19 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने वाले इस हुत

27 जून 2017 · 7 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

अमर बलिदानी महावीर सिंह

आइये परिचित होते हैं अमर बलिदानी महावीर सिंह से। उनका जन्म 16 सितम्बर 1904 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले के शाहपुर टहला नामक एक छोटे से गाँव में उस क्षेत्र के प्रसिद्द वैद्य कुंवर देवी सिंह और उनकी धर्मपरायण पत्नी श्रीमती शारदा देवी के पुत्र के रूप में हुआ था| प्रारंभिक शिक्षा गाँव

27 जून 2017 · 13 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

वीर बिरसा मुंडा, जिन्होंने वनवासियों को मिशनरियों से बचाया

अंग्रेजों की शोषण नीति और परतंत्रता से भारत वर्ष को मुक्त कराने में अनेक महपुरूषों ने अपनी शक्ति और सामर्थ्य के अनुसार अपना योगदान दिया। उन्हीं में से एक हैं आदिवासी मुंडा समाज में भगवान के रूप में पूजे जाने वाले, 19वीं सदी के एक प्रमुख आदिवासी जननायक एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन

26 जून 2017 · 14 मिनट का पाठ