Nakshatra

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नक्षत्र

नक्षत्र भारतीय कालगणना की आधारशिला हैं। वेदांग ज्योतिष से लेकर सिद्धांत-ग्रंथों तक नक्षत्र-विभाजन ने पंचांग, कृषि-चक्र और संस्कार-काल का निर्धारण किया है। इस विषय-पृष्ठ पर नक्षत्र-सिद्धांत से जुड़े लेख, शोध और विमर्श एक साथ संकलित हैं।

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धर्म · संस्कृति

मेधा, कौतूहल, जिज्ञासा का अर्थ और झुण्ड प्रवृत्ति

मेधा और झुण्ड “जो धर्म की रक्षा करता है,धर्म उसकी रक्षा करता है ।” धर्म का अर्थ है वैदिक यज्ञ,अर्थात् वैदिक कर्म का काण्ड । धर्म के दस लक्षण हैं — धृति क्षमा दम अस्तेय शौच इन्द्रियनिग्रह धी विद्या सत्य अक्रोध । किन्तु ये सब तो केवल लक्षण हैं जिनके आधार पर हम पहचान सकते हैं कि अमु

Shri Vinay Jha · 1 सितम्बर 2021 · 8 मिनट

धर्म · संस्कृति

शतभिषा नक्षत्र के स्वामी वरुण देव के मन्त्र

चन्द्रप्रभं पंकजसन्निषण्णं पाशांकुशाभीतिवरं दधानम्। मुक्ताविभूषांचितसर्वगात्रं ध्यायेत् प्रसन्नं वरुणं विभूत्यै। जिनके शरीर की कांति चंद्रमा के समान है, जो पंकज पर आसीन हैं, जो अपने हाथों में पाश, अंकुश, अभय तथा वरमुद्रा धारण किए हुए हैं। जिनका समस्त शरीर मोतियों के आभूषणों से भू

1 सितम्बर 2021 · 2 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

बृहस्पति स्तोत्र

बृहस्पति स्तोत्र श्री गणेशाय नमः । अस्य श्रीबृहस्पतिस्तोत्रस्य गृत्समद ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, बृहस्पतिर्देवता, बृहस्पतिप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः । गुरुर्बृहस्पतिर्जीवः सुराचार्यो विदांवरः । वागीशो धिषणो दीर्घश्मश्रुः पीताम्बरो युवा ॥ १॥ सुधादृष्टिर्ग्रहाधीशो ग्रहपीडापहारकः । दयाकर

22 मई 2021 · 1 मिनट का पाठ

पानी कब, कितना और कैसे पीना चाहिए?
समाचार · मीडिया

पानी कब, कितना और कैसे पीना चाहिए?

1. परिश्रमी जनों को आहारग्रहणोपरान्त एक मुहूर्त (48 मिनट) पर्यन्त एवं बुद्धिजीवियों को दो मुहूर्त (एक घण्टा 36 मिनट) पर्यन्त पानी नहीं पीना चाहिए। इस अवधि में जल पीने से पाचक रस तनु (diluted) हो जाते हैं जिससे आहारपाचन भली-भाँति नहीं हो पाता। 2. स्नान के उपरान्त जल पिए बिना तत्का

6 अक्टूबर 2019 · 2 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

शालिग्राम शिलाओं से मूर्तियाँ बनाने की प्राचीन कला हो रही लुप्त

भारत में प्राचीन काल से ही श्री मंदिर के विग्रहों के लिये विशेष पाषाण चुनने का चलन रहा है| प्राचीन काल से संभवतः आज से करीब डेढ़ सौ साल पहले तक, जब से जयपुर में मूर्तिकारों का बाजार बना तबसे लगभग पूरे उत्तर भारत में सफेद संगमरमर की प्रतिमायें मंदिरो मे स्थापित होने लगीं| पहले के

7 अक्टूबर 2018 · 4 मिनट का पाठ

ज्योतिष

स्वतंत्र भारत की कुण्डली में ऐसी है ग्रहों की स्थिति

ज्योतिष अपने आप में एक क्लिष्ट विद्या है। उसमें भी मेदिनी ज्योतिष तो बहुत ही कठिन है। कोई बहुत समय लगाकर व्यक्तिगत कुण्डली पर तो महारत हासिल कर सकता है, पर मेदिनी ज्योतिष पर कोई भी पूरी तरह दखल नहीं रख सकता। इसका कारण यह है कि मेदिनी ज्योतिष में ग्रहों के बदलती हुई स्थिति का प्रभ

30 जुलाई 2018 · 8 मिनट का पाठ

ज्योतिष

क्या एक ज्योतिषी चाँद पर जन्में बच्चे की कुंडली और भविष्य बता सकता है?

लोगों की ओर से एक सामान्य जिज्ञासा ये सामने आई है कि अगर किसी बच्चे का जन्म चाँद पर हो तो उसकी कुंडली कैसे बनाई जायेगी और उसके भविष्य के बारे में कैसे बताया जायेगा? इस प्रश्न का दायरे को बढ़ाते हुये ये भी कहा जा सकता है कि अगर किसी बच्चे का जन्म मंगल ग्रह या किसी और ग्रह पर हो तो

22 जुलाई 2018 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

आर्य अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ - जीवन का अचर्चित पक्ष

. 22 अक्टूबर को अपने देश की क्राँतिकारी श्रंखला के दैदीप्यमान नक्षत्र अमर शहीद अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ का जन्मदिन है| अमर शहीद रामप्रसाद 'बिस्मिल' के परम मित्र इस हुतात्मा ने काकोरी काण्ड में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। ब्रिटिश शासन ने उनके ऊपर अभियोग चलाया और 19 दिसम्बर सन् 1927 को

26 अक्टूबर 2017 · 4 मिनट का पाठ