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पञ्चाङ्ग

पञ्चाङ्ग भारतीय कालगणना का व्यावहारिक आधार है, किन्तु विभिन्न गणना-पद्धतियों के कारण इसमें मतभेद स्वाभाविक हैं। सूर्यसिद्धान्त सहित इस विषय पर सामग्री यहाँ संकलित है।

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राजनीति · इतिहास

साहित्य क्षेत्र में गुण्डागर्दी की कभी न भूलने वाली दास्तान..

साहित्य भारतीय इतिहास एवं संस्कृति के प्रकाण्ड विद्वान् और ओजस्वी वक्ता तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरवंशलाल ओबराय (1925-1983) को जाननेवाले और बतानेवाले अब कम ही लोग जीवित हैं। आज डॉ. ओबराय जी की न तो जन्मतिथि है और न ही पुण्यतिथि। किन्तु आज स

Gunjan Aggrawala · 28 जुलाई 2021 · 20 मिनट

ज्योतिष

सूर्यसिद्धान्त सार्वकालिक और सार्वभौमिक है

विक्रमादित्य के नवरत्न वराहमिहिर की पञ्चसिद्वान्तिका−१⁄३ १ में सूर्यसिद्धान्त को “सौर” सिद्धान्त की संज्ञा दी गयी तथा पञ्चसिद्वान्तिका−१⁄४ २ में इसे “सावित्र” सिद्धान्त कहा गया। अतः वराहमिहिर के अनुसार गायत्री मन्त्र के वैदिक देवता सविता ही सूर्यसिद्धान्त के प्रतिपादक हैं, तथा उन

29 मई 2021 · 5 मिनट का पाठ

ज्योतिष

राक्षस संवत्सर है संवत् 2078, अ.भा.विद्वत्परिषद, काशी ने लगाई मुहर

◆संवत् २०७८ है राक्षस संवत्सर◆ ◆लुप्तसंवत्सर में विवाद क्यों ?◆ -- आचार्य श्री विनय झा , त्रिस्कन्ध ज्योतिर्विद्, सूर्यसिद्धान्तीय गणितज्ञ संरक्षक, अखिल भारतीय विद्वत्परिषद, वाराणसी गणितज्ञ, आदित्य पञ्चाङ्ग (काशी), श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्ग (जयपुर) आदि आदित्य पञ्चाङ्ग के सम

20 अप्रैल 2021 · 8 मिनट का पाठ

ज्योतिष

2078 राक्षस नाम संवत्सर ही शास्त्रीय

◆वर्ष २०७८ राक्षस नाम संवत्सर ही शास्त्रीय◆ -- डॉ. पारसनाथ ओझा , प्रधान सम्पादक, श्रीआदित्य पञ्चाङ्ग वाराणसी ◆ प्रभवादि संवत्सर का आनयन- आचार्यों ने सौरमान, चान्द्रमान तथा मध्यम गुरूमान से प्रभवादि सवत्सरों की प्रवृत्ति माना है। ◆ प्रभवादि संवत्सर विवेचन- यथा महर्षि नारदमुनि, "गृ

14 अप्रैल 2021 · 7 मिनट का पाठ

ज्योतिष

'श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पंचांग' केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर में विमोचित

चैत्र अमावस्या, २०७७, 12 अप्रैल, 2021 को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के डॉ. हिन्दकेसरी सभागार में राजस्थान के एकमात्र सूर्यसिद्धान्त गणना पर आधारित पञ्चाङ्ग श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्ग का विमोचन विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. अर्कनाथ चौधरी तथा श्रीनिम्बार्क परिषद् क

13 अप्रैल 2021 · 5 मिनट का पाठ

ज्योतिष

राजस्थान का एकमात्र सूर्यसिद्धान्तीय श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्ग प्रकाशित

नम्र निवेदन - श्रीनिम्बार्क परिषद् सादर सूचित किया जा रहा है कि आराध्यदेव ठाकुर श्रीगोविन्ददेवजी एवं ठाकुर श्रीसरसबिहारीजी की असीम अनुकम्पा से प्राचीन गणित श्रीसूर्यसिद्धान्त पर आधारित राजस्थान का एकमात्र पञ्चाङ्ग श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्ग जयपुर से श्रीनिम्बार्क परिषद् के द

13 अप्रैल 2021 · 6 मिनट का पाठ

ज्योतिष

केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर में पंचांग सम्पादन कार्यशाला आयोजित

आगामी संवत् 2078 से श्रीनिम्बार्क परिषद् , जयपुर द्वारा केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय , जयपुर परिसर के सहयोग से राजस्थान का एकमात्र सूर्यसिद्धान्तीय पंचांग ' श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पंचांग ' प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया है। इस हेतु पंचांग में व्रतपर्वोत्सवों-मुहूर्त्तादि के

27 मार्च 2021 · 4 मिनट का पाठ

26 दिन उपवास कर ऐसे वीर सावरकर ने बुलाया मृत्यु को..
राजनीति · इतिहास

26 दिन उपवास कर ऐसे वीर सावरकर ने बुलाया मृत्यु को..

"आ मृत्यु...आ...तू आ" 83 वर्ष की आयु में वीर सावरकर ने हिन्दू साधुओं की प्राचीन परंपरा अपनाकर, 1 फरवरी, तिथि माघ शुक्ल एकादशी को अन्न, जल और दवाइयों का त्याग कर दिया। उनका कहना था, "जब जीवन मिशन पूरा हो जाए, और समाज की सेवा करने लायक ताकत न बचे, तब मृत्यु का स्वयं वरण कर लेना चाह

20 दिसम्बर 2019 · 3 मिनट का पाठ