
कम्युनिज्म (वामपंथ) के खोखलेपन पर श्री गुरुजी गोलवलकर के विचार
"हमारे देश में जनतंत्र की गम्भीर असफलताओं में कम्युनिज्म की बढ़ती हुई विभीषिका है, जो जनतान्त्रिक विधान की मानी हुई शत्रु है। जनता के समक्ष की गई अपनी आर्थिक अपील में कम्युनिस्टों से कही पिछड़ न जायें, इस प्रयास से हमारे नेतागण कम्युनिस्टों की ही भाषा तथा कार्यक्रमों को स्वयं भी
Mudit Agrawal · 15 अक्टूबर 2020 · 5 मिनट





