Krishna & Mahabharata

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श्रीकृष्ण · महाभारत

श्रीकृष्ण और महाभारत भारतीय दर्शन, राजनीति-चिंतन और कथा-परंपरा के केंद्र में हैं। गीता, महाभारत के प्रसंगों और उनकी व्याख्याओं पर सामग्री यहाँ एक साथ है।

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युधिष्ठिर का द्यूत - वैदिक रहस्यमयी अक्षविद्या
धर्म · संस्कृति

युधिष्ठिर का द्यूत - वैदिक रहस्यमयी अक्षविद्या

धर्मराज युधिष्ठिर को जुआरी कहना गलत है । धर्मराज युधिष्ठिर ने जीवन में कितनी बार द्यूत खेला?“व्यसनी” कहलाने के लिये कितनी बार खेलना पड़ता है? द्यूतविद्या को जुआ कहना भी गलत है । धर्मराज युधिष्ठिर को ऋषि से द्यूतविद्या क्यों सीखनी पड़ी?ऋषि के सिवा अन्य कोई शिक्षक क्यों नहीं मिला?शकु

Shri Vinay Jha · 1 सितम्बर 2021 · 1 मिनट

धर्म · संस्कृति

पूर्णावतार भगवान् श्रीकृष्ण - धर्म और रासलीला

कृष्णपक्ष!उसपर अष्टमी!वह भी दक्षिणायन वाली!केवल पूर्णावतार ही इसे झेल सकते हैं,और इसे शुभ बना सकते हैं! एक महायुग में श्रीविष्णु के दस अवतार होते हैं जिनमें केवल तीन ही पूर्णावतार हैं । उन तीनों में से केवल कृष्णावतार ही दो युगों के लिये होते हैं — द्वापर और कलि,क्योंकि कलियुग मे

1 सितम्बर 2021 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

युधिष्ठिर - सार्वभौम दिग्विजयी हिन्दूराष्ट्र निर्माता सम्राट

जैसा कि युधिष्ठिर जी आदि पर विवाद देखने को मिलता है तो हमें महाभारत में ही देखना चाहिए कि युधिष्ठिर आदि पाण्डव स्वयं से भी शक्तिशाली या धर्मपुंज थे अथवा नवयुगी दुष्प्रचार अनुसार मात्र श्रीकृष्ण की दया पर ही लंबित थे क्योंकि ऋषि बार बार उनको धर्मराज कह रहे तब उनका वचन मिथ्या नहीं

1 सितम्बर 2021 · 13 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

चातुर्मास्य में व्रत का विधि विधान व नियम

चातुर्मास्य-व्रतविधान लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या श्रीवृन्दावन धाम प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य श्री गंगाधर पाठक स्वस्थशरीर के साथ ही मन

19 जुलाई 2021 · 9 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

श्रीगुरुजी गोलवलकर का पुण्य स्मरण

पुण्य स्मरण है उन परमपूजनीय श्रीगुरुजी माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर का जिन्हें माधव कहकर याद किया जाता है। सम्भवतया इसलिए रखा होगा उनके माता पिता ने 'माधव' नाम कि उनकी 9वीं व एकमात्र जीवित सन्तान बच पाए थे वे, माधव की तरह ही, पर क्या पता था कि यही सन्तान आगे चलकर महाभारतनायक गीताप्र

30 जून 2021 · 7 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

महारासलीला का लोकसन्देश

महारासलीला का लोकसन्देश लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या श्रीवृन्दावन धाम प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य श्री गंगाधर पाठक ब्रह्मादिजयसंरूढदर्पक

12 जून 2021 · 10 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

"श्रीवेदव्यास पूजापद्धति" - आचार्य गङ्गाधर पाठक | डाउनलोड करें

'श्रीवेदव्यास पूजापद्धति' लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या श्रीवृन्दावन धाम प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य श्री गंगाधर पाठक 'श्रीवेदव्यास पूजाप

11 जून 2021 · 2 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

"गावो जगन्मातरः" - आचार्य गंगाधर पाठक | डाउनलोड करें

'गावो जगन्मातरः' लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या मार्गदर्शक:- श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्गम् , जयपुर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य पुरोहित आचार्य श्री गं

11 जून 2021 · 2 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

"श्रीसुरभिस्तोत्रावलिः" - आचार्य गङ्गाधर पाठक | डाउनलोड करें

श्रीसुरभिस्तोत्रावलिः लेखक:- पण्डित गङ्गाधर पाठक ‘वेदाद्याचार्य’ मुख्याचार्य- श्रीरामजन्मभूमिशिलापूजन, अयोध्या श्रीवृन्दावन धाम मार्गदर्शक:- श्रीसर्वेश्वर जयादित्य पञ्चाङ्गम् , जयपुर प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर का शिलान्यास करवाते मुख्य

11 जून 2021 · 1 मिनट का पाठ

जब भगवान् श्रीकृष्ण ने की भीष्म पितामह की स्तुति!
धर्म · संस्कृति

जब भगवान् श्रीकृष्ण ने की भीष्म पितामह की स्तुति!

युधिष्ठिर जी ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा - हे पुरुषोत्तम! आप यह किसका ध्यान कर रहे हैं? यह तो बड़े आश्चर्य की बात है। इस त्रिलोकी का कुशल तो है न? आपके शरीर में रहने वाली प्राणवायु रुक गई है। आपके रोंगटे खड़े हो गये हैं। जरा भी हिलते नहीं हैं। माधव! आप लकड़ी, दीवार और पत्थर की तरह

26 सितम्बर 2020 · 3 मिनट का पाठ

श्रीकृष्णजन्मभूमि और अकबर की कुटिलता
संस्कृत · शास्त्र

श्रीकृष्णजन्मभूमि और अकबर की कुटिलता

बहुत कम लोगों को जानकारी है कि अकबर अपने राज्य में मंदिर तुड़वाता तो था किंतु मंदिर बनवाने की इजाजत नहीं देता था। संत तुलसीदासजी को भी हनुमान मंदिर बनाने की इजाजत नहीं मिली थी। जब तुलसीदासजी ने वाराणसी के महल की परिधि में हनुमान मंदिर बना लिया तो उसे भी तोड़े जाने के आदेश अकबर ने

8 अगस्त 2020 · 14 मिनट का पाठ

हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की आसुरी सभ्यता की वास्तविकता
संस्कृत · शास्त्र

हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की आसुरी सभ्यता की वास्तविकता

यूरोप के तथाकथित 'विद्वानों' ने मोहनजोदड़ो और हड़प्पा 'सभ्यता' को भारतीय सभ्यता की प्राचीनतम आधारशिला बताया और उसे वैदिक पशुपालक लोगों की तुलना में विकसित तथा पुरातन घोषित कर दिया, जिसे आजतक हमारे नीति-निर्धारक और तथाकथित बुद्धिजीवी स्वीकारते आ रहे हैं, खासकर वामपन्थी इतिहासकार। इत

18 अक्टूबर 2019 · 25 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

मदालसा की कहानी सिद्ध करती है हिन्दू संस्कृति में माँ का सर्वोच्च स्थान

माता गुरूतरो भूमेः महाभारत में जब यक्ष धर्मराज युधिष्ठिर से सवाल करते हैं कि 'भूमि से भारी कौन?' तब युधिष्ठर जवाब देते हैं, 'माता गुरूतरा भूमेः युधिष्ठिर द्वारा माँ के इस विशिष्टता को प्रतिपादित करना यूं ही नहीं है आप अगर वेद पढ़ेंगें तो वेद माँ की महिमा बताते हुए कहती है कि माँ क

2 अगस्त 2018 · 5 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

The story of five golden arrows

As Kaurawas were losing the battle of Mahabharata, Duryodhana approached Bhisma one night and accused him of not fighting the Mahabharata war to his full strength because of his affection for Pandavas. Bhisma greatly angered, immediately picked up 5 golden arrows and chanted mant

8 मई 2018 · 1 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

केन्द्रीय विद्यालयों में संस्कृत प्रार्थना पर बैन क्यों?

केन्द्रीय विद्यालयों में संस्कृत प्रार्थना पर बैन क्यों? असतो मा सदगमय ॥ तमसो मा ज्योतिर्गमय ॥ मृत्योर्मामृतम् गमय ॥ हमें असत्य से सत्य की ओर ले चलो ॥ अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो ॥ मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो ॥ Lead me from falsehood to truth, Lead me from darkness to light, L

11 जनवरी 2018 · 5 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

क्यों है गीताप्रेस ब्रेकिंग इंडिया तत्वों के निशाने पर

आज से लगभग छः महीना पहले मैनें BBC में गीताप्रेस पर एक लेख पढा था। लेख में यह कुतर्क गढा गया था कि, किस तरह गीताप्रेस नामक छापखाना हिंदू भारत बनाने के मिशन पर काम कर रहा है। उसके बाद मैनें एक और "गीताप्रेस की महिलाओं पर तालिबानी सोच" शीर्षक से एक लेख पढा। दोनों लेख पढकर मेरे दिमा

14 दिसम्बर 2017 · 7 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

विनयकृष्ण बसु : दो-दो अंग्रेज आई.जी. अधिकारियों का वध करने वाले

कल भारतमाता को दासता की बेड़ियों से मुक्त कराने के संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर बलिदानी विनयकृष्ण बसु का जन्मदिवस है| उनका जन्म वर्तमान बंगलादेश के मुंशीगंज जिले के रोहितभोग में इंजीनियर रेबतीमोहन बसु के घर 11 सितम्बर 1908 में हुआ था| मैट्रिक की पढाई के बाद उन्ह

10 सितम्बर 2017 · 3 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

सर्वपल्ली राधाकृष्णन का अनसुना सच

आपका बच्चा टीचर्स डे उत्साह से मनाता है पर गुरु पूर्णिमा पर कोई ध्यान नहीं देता। क्यों? शिक्षा द्वारा ब्रेनवॉश! मुझे आपके द्वारा इस व्यक्ति की जयंती को शिक्षक दिवस या अन्य किसी दिवस के रूप में मनाने से कोई आपत्ति नहीं है पर मैं आपको इनका दूसरा पक्ष दिखाना भी मेरा कर्तव्य है। कैसे

7 सितम्बर 2017 · 4 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

क्या होती है नन्दलाला की 'छी छी', ब्रजमण्डल की अनोखी परम्परा

लाला की छीछी! सामान्यतया आप कढ़ी चावल का भोजन कर रहे होते हैं, तो कई बार आपके भाई बहिन मित्रों ने हंसी मजाक में उसके रूप की कल्पना किसी मिलती जुलती चीज से करके आपका मन अवश्य बिगाड़ा होगा ... और यहाँ ब्रज में कान्हा के प्रति वृजवासियों का प्रेम अलौकिक है कि यहाँ जन्माष्टमी के दूसरे

17 अगस्त 2017 · 1 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

आधुनिक विज्ञान की नजर में मटकों से सौ कौरवों का जन्म

हमारे भारतीय ग्रन्थों में बहुत से ऐसे प्रसंग हैं जिनमें गहरी वैज्ञानिक बातें छिपी हुई हैं पर हम लोगों के उनपर शोध न करने के कारण वे सामने नहीं आ पातीं। हमारे मन का एक कोना जानता तो है कि भारत ने प्राचीन काल में ही एक बेहद समृद्ध संस्कृति का सृजन किया था जिसमें विज्ञान भी विकास के

23 जुलाई 2017 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

श्री राम का सत्य सर्वप्रिय धर्म स्वरूप..

यदि वेदव्यास, आद्य शंकराचार्य, स्वामी दयानन्द आदि वेदज्ञ ऋषि ज्ञान की किसी परोक्ष संस्कृति के किनारे हैं, यदि भगवान श्रीकृष्णचन्द्र अथाह प्रेम और गहन आध्यात्म की किसी अपूर्व धवल जाह्नवी के तट पर हैं, तो श्री राम धर्म, कर्म और करुणा की त्रिवेणी के हृदयंगम प्रयाग-संगम पर खेल रहे है

13 जुलाई 2017 · 8 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

भगवान वेदव्यास की वेदना...

"मैं दोनों हाथ उठाकर पुकार पुकार कर कह रहा हूँ परन्तु मेरी बात कोई नहीं सुनता। धर्म पालन के मार्ग पर मोक्ष तो मिलता ही है, अर्थ और काम भी सिद्ध होते हैं, फिर भी लोग उसका सेवन क्यों नहीं करते?" - महर्षि वेदव्यास, महाभारत, स्वर्गारोहण पर्व, 5/62 ऋग्, यजु, साम और अथर्ववेद के रूप में

13 जुलाई 2017 · 3 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

श्री कृष्ण के जीवन में बसा है संसार का हर रूप.

द्रोणाचार्य सरीखे शास्त्रज्ञ गुरु भी धर्म का तत्व नहीं समझ पाए। भीष्म पितामह जैसे धर्म सम्राट को भी धर्म का तत्व शर शैय्या पर लेटने से पहले समझ न आया। यहाँ तक कि धर्म अधर्म के नाम पर दो फाड़ हुए राजाओं में धर्म पक्ष के अर्जुन भी धर्म के नाम पर युद्ध छोड़ भिखारी बनने को तैयार हैं। य

3 जुलाई 2017 · 8 मिनट का पाठ