Smriti & Dharmashastra

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स्मृति · धर्मशास्त्र

स्मृति और धर्मशास्त्र भारतीय विधि-चिंतन के प्राचीनतम स्रोत हैं। मनुस्मृति सहित इस परंपरा की रचना, व्याख्या और आलोचना से जुड़ी सामग्री यहाँ है।

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धर्म · संस्कृति

मूर्तिपूजा - सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण अंग

यह शत-प्रतिशत झूठा प्रचार है कि सनातन धर्म में मूर्तिपूजा नहीं थी। भारत की प्राचीनतम मूर्तियाँ जैनियों या बौद्धों की नहीं हैं। सबसे पहले यह प्रचार अंग्रेजों ने आरम्भ किया कि भारत में ग्रीक राजाओं ने मूर्तिपूजा आरम्भ की, और बाद में ब्रह्म-समाज के छद्म-ईसाईयों तथा आर्यसमाजियों जैसे

Shri Vinay Jha · 17 अक्टूबर 2019 · 6 मिनट

धर्म · संस्कृति

क्या मनुस्मृति महिलाओं का विरोध करती है ??

आजकल कई वामपंथी और नारीवादी हिन्दू धर्म का विरोध करने के लिए हिन्दू धर्मग्रंथ मनुस्मृति पर स्त्रीविरोधी और पितृसत्तात्मक होने का आरोप लगाते हैं जबकि सत्य कुछ और ही है। आश्चर्य तब होता है जब यही लोग कुरान को स्त्री की हितैषी बताते हैं। मनुस्मृति में स्त्रियों के बारे में अनेक ऐसे

18 जुलाई 2018 · 3 मिनट का पाठ

6 दिसम्बर 1992, अयोध्या, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक निहितार्थ
संस्कृत · शास्त्र

6 दिसम्बर 1992, अयोध्या, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक निहितार्थ

6 दिसम्बर 1992, अयोध्या में बाबरी विध्वंस कई सदियों में हिंदुओं व हिन्दुत्व की सबसे बड़ी गौरवशाली स्मृति है। पर इस गौरवशाली घटना में हिन्दूओं की सहिष्णुता, संयम, अनुशासन और शांतिप्रियता की पराकाष्ठा परिलक्षित हुई उसको दुष्टों ने ऐसे ओझल कर दिया मानो शातिर चोर ने चोरी के सब सबूत मि

18 दिसम्बर 2017 · 9 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

कौनसे आठ प्रकार के होते हैं ब्राह्मण ?

यूं तो ब्राह्मणों का वर्णन अनेक ग्रन्थों में मिलता है पर सबसे उत्तम तो वेद और स्मृतियों में ही मिलता है। ब्राह्मण होने का अधिकार सभी को है चाहे वह किसी भी जाति, प्रांत या संप्रदाय से हो। लेकिन ब्राह्मण होने के लिए कुछ नियमों का पालन करना होता है। उन्हीं नियमों के पालन से आठ ब्राह

9 अगस्त 2017 · 3 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

हिन्दू ग्रन्थों के अनुसार कौन होता है ब्राह्मण ?

सामान्य तौर पर हम जाति के आधार पर ही किसी को ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य या शूद्र मानते हैं परन्तु हिन्दू धर्मग्रन्थों के अनुसार किसी के जन्म से अधिक महत्व उसके कर्मों का है। कर्मों के आधार पर ही उसे वास्तविक रूप में ब्राह्मण या अन्य कुछ कहा जा सकता है। यहाँ हम देखेंगे कि हिन्दू शा

9 अगस्त 2017 · 4 मिनट का पाठ