
क्या हिन्दू और मुसलमान का डीएनए सेम है?
डीएनए इलाहाबाद में जन्मी 'नासिरा शर्मा' का लिखा उपन्यास "दूसरी जन्नत" पढ़ते हुये अचानक मुझे 'अल्लामा इक़बाल' याद आ गये जो अपने 'जबाबे-शिकवा' में बेचैनी से गम में डूबकर अपने हम-उम्मतियों से कहतें हैं -- "वज़ह में तुम हो नसारा तो तमद्दुन में हनूद/ ये मुसलमां हैं जिन्हें देख के शर्माये
Abhijeet Singh · 14 जून 2021 · 5 मिनट













