Hindutva

विषय

हिन्दुत्व

हिन्दुत्व आधुनिक भारतीय राजनीतिक विमर्श का एक केंद्रीय पद है, जिसकी परिभाषा और व्याप्ति पर विचारकों में गहरा मतभेद रहा है। इस विषय पर लेख और शोध यहाँ संकलित हैं।

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कन्यादान हो या वरदान! अब आप ही बताईये क्या बुराई है?
धर्म · संस्कृति

कन्यादान हो या वरदान! अब आप ही बताईये क्या बुराई है?

क्या कन्यादान सिर्फ खैरात है? क्यों होता है कन्यादान और क्या यह स्त्री का अपमान है? जानिए हिन्दू विवाह संस्कार में कन्यादान का सही अर्थ, उसका सांस्कृतिक और वैदिक महत्व। पढ़ें वरदान बनाम कन्यादान की सच्ची व्याख्या, ब्रह्म विवाह का रहस्य और उन कुतर्कों का उत्तर जो हिन्दू परम्पराओं को गलत साबित करते हैं।

अमित शर्मा · 22 सितम्बर 2021 · 5 मिनट

धर्म · संस्कृति

युधिष्ठिर - सार्वभौम दिग्विजयी हिन्दूराष्ट्र निर्माता सम्राट

जैसा कि युधिष्ठिर जी आदि पर विवाद देखने को मिलता है तो हमें महाभारत में ही देखना चाहिए कि युधिष्ठिर आदि पाण्डव स्वयं से भी शक्तिशाली या धर्मपुंज थे अथवा नवयुगी दुष्प्रचार अनुसार मात्र श्रीकृष्ण की दया पर ही लंबित थे क्योंकि ऋषि बार बार उनको धर्मराज कह रहे तब उनका वचन मिथ्या नहीं

1 सितम्बर 2021 · 13 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

करपात्ररत्नसमुच्चय एवं ट्रैड-वाद | 'कुतर्ककूटनाशक' सहित

ट्रैड निम्न लेख प्रतिज्ञ @RamaInExile द्वारा लिखित है । ट्रैड मेरे साथ विगत कुछ महीनों में जो घटनाएं हुई उसने मुझे झकझोर कर रख दिया। घटनाओं में घटकों के वास्तविक रूप से मैं अनभिज्ञ था। मेढक के बच्चे के भांति मेरा भी लौकिक दृष्टिकोण कायान्तरित होने लगा। ट्रैड वाद के नाम पर धर्म के

31 अगस्त 2021 · 63 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

डॉ. हरवंशलाल ओबराय - हिन्दू संस्कृति के प्रखर संरक्षक

महान् कर्मयोगी डॉ. हरवंशलाल ओबराय का जन्म दिनांक 21 अक्टूबर, 1925 को रावलपिण्डी के एक पंजाबी खत्री दम्पति श्री धर्मचन्द्र एवं रामकौर ओबराय के घर में हुआ था। सन् 1947 में देश-विभाजन के पश्चात् उनको सपरिवार भारत आना पड़ा। हरवंशलाल ओबराय जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता थे। ब

28 जुलाई 2021 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

बी.एच.यू. के संस्थापक महामना मालवीय के विरुद्ध कुप्रचार

काशी हिंदू विश्वविद्यालय से सम्बद्ध, महामना मालवीय जी के व्यक्तित्व-कृतित्व पर शोधकार्य करनेवाले विद्वान् और इतिहासप्रेमियों का ध्यान एक अति महत्त्वपूर्ण विषय की ओर आकृष्ट कर रहा हूँ। वह विषय यह है कि इधर कुछ दिनों से निरन्तर देखने और पढ़ने में आ रहा है कि दरभंगा-राजपरिवार और मिथि

12 जुलाई 2021 · 6 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

हिन्दू संगठन व जातिवाद पर सावरकर और गोलवलकर

जाति और हिन्दू संगठन पर दोनों वाक्यों को ध्यान से पढिये और अंतर समझिए। 1. "जब तक हिन्दू में जातिभाव समाप्त नहीं होता, हिन्दू संगठन और हिन्दू जागरण असम्भव है।" - वीर सावरकर 2. "यदि हिन्दू जागृत हो गया तो वह स्वतः संगठित हो जाएगा और जातिभेद की चुनौती को बहुत अच्छे से प्रत्युत्तर दे

11 जुलाई 2021 · 1 मिनट का पाठ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या करता और मानता है?
धर्म · संस्कृति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या करता और मानता है?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या करता और मानता है? जब मैं छोटा था तब स्कूल में एक व्यक्ति ने धूम्रपान पर भाषण दिया था। वह भाषण इतना जबरदस्त था कि बाद में कई वर्ष तक मैं यही सोचता था कि दुनिया की सभी समस्याओं की जड़ धूम्रपान ही है। मेरा मानना था कि जिस दिन धूम्रपान समाप्त होगा, संसार स

8 जुलाई 2021 · 7 मिनट का पाठ

क्या हिन्दू और मुसलमान का डीएनए सेम है?
संस्कृत · शास्त्र

क्या हिन्दू और मुसलमान का डीएनए सेम है?

डीएनए इलाहाबाद में जन्मी 'नासिरा शर्मा' का लिखा उपन्यास "दूसरी जन्नत" पढ़ते हुये अचानक मुझे 'अल्लामा इक़बाल' याद आ गये जो अपने 'जबाबे-शिकवा' में बेचैनी से गम में डूबकर अपने हम-उम्मतियों से कहतें हैं -- "वज़ह में तुम हो नसारा तो तमद्दुन में हनूद/ ये मुसलमां हैं जिन्हें देख के शर्माये

14 जून 2021 · 5 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

हिन्दू धर्म में विदेश यात्रा : इतिहास और शास्त्र

सनातन धर्म के सभी शास्त्रों में भारतभूमि को साक्षात देवभूमि माना गया है, जहाँ ईश्वर के अवतार हुए, असंख्य ऋषि मुनि, तपस्वी हुए। समस्त शास्त्र जहाँ प्रकट हुए। इस भारतभूमि पर जन्म अनेक पुण्यों के फलस्वरूप कहा गया है जहाँ देवता भी आने को लालायित रहते हैं। इसका कारण है कि भारत की पवित

3 जून 2021 · 7 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

"Inside The Hindu Mall" - Abhijeet Singh

Abhijeet Singh जी द्वारा लिखित "Inside The Hindu Mall" पुस्तक उन युवाओं के लिए एक रौशनी है जो हिन्दुत्व से दूर वामपंथ के अँधेरे कमरे में बन्द हो गए हैं। हर छोटे बड़े मुद्दे को एड्रेस करती यह पुस्तक कोई निर्णय नहीं सुना देती, बल्कि फिर एक बार सोचने को मजबूर कर देती है, प्राकृतिक और

30 मई 2021 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

नरेन्द्र मोदी इजरायल पर क्या सोचते हैं?

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी इजरायल पर, अपनी पुस्तक 'सेतुबन्ध' में लिखते हैं, "दो हजार वर्ष पूर्व आक्रमणकारियों ने इजराइल को तहस-नहस कर डाला। वहाँ के कुछ लोग विश्व में भिन्न-भिन्न स्थानों में बिखर चुके थे, फिर भी अपने आत्मगौरव से भरे पहले और दूसरे विश्वयुद्ध की परिस्थिति का लाभ उठ

21 मई 2021 · 3 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

पश्चिमी प्रचार तन्त्र की पिपासा और हिन्दू जागरूकता

भारत के वास्तविक चरित्र और स्वरूप को ईसाई जनता तक या पश्चिमी लोक तक न पहुँचने देने में चर्च नियंत्रित मीडिया का बहुत बड़ा हाथ है। उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी तक यह तन्त्र पूर्ण सफल होने के कारण अत्यन्त मनबढ और " कैरेक्टर मेकर " हो गया था। पश्चिमी प्रचारतन्त्र के पास चर्च-चालित विश

16 मई 2021 · 4 मिनट का पाठ

मेवाती लोग मुसलमान कैसे बने?
राजनीति · इतिहास

मेवाती लोग मुसलमान कैसे बने?

आजकल प्रायः ऐसे समाचार आते रहते हैं कि मेवात के मुसलमान बहुल क्षेत्रों में हिंदुओं पर अत्याचार, हिंदुओं का पलायन। हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में विस्तृत यह प्रदेश जो कभी 100% हिन्दू था इस परिस्थिति में कैसे पहुँच गया कि वहाँ हिंदुओं की संख्या इतनी अल्प और शक्ति इतनी क्षीण

2 सितम्बर 2020 · 3 मिनट का पाठ

नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के वीरोचित निर्णय
धर्म · संस्कृति

नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के वीरोचित निर्णय

हिन्दूराष्ट्र के निर्मम शून्य आकाश में एकाएक अनेक वर्ण के मेघ परिधावी संवत्सर में उभरे हैं। एक विकट महापरिवर्तन आरम्भ हो चुका है। सर्वराज सम्राट परमभट्टारक श्री नरेन्द्र मोदी और सर्वाध्यक्ष महादण्डनायक श्री अमित शाह द्वारा पहले 370 नाम की दुर्धारा का उन्मूलन, फिर श्रीरामजन्मभूमि

4 जनवरी 2020 · 3 मिनट का पाठ

26 दिन उपवास कर ऐसे वीर सावरकर ने बुलाया मृत्यु को..
राजनीति · इतिहास

26 दिन उपवास कर ऐसे वीर सावरकर ने बुलाया मृत्यु को..

"आ मृत्यु...आ...तू आ" 83 वर्ष की आयु में वीर सावरकर ने हिन्दू साधुओं की प्राचीन परंपरा अपनाकर, 1 फरवरी, तिथि माघ शुक्ल एकादशी को अन्न, जल और दवाइयों का त्याग कर दिया। उनका कहना था, "जब जीवन मिशन पूरा हो जाए, और समाज की सेवा करने लायक ताकत न बचे, तब मृत्यु का स्वयं वरण कर लेना चाह

20 दिसम्बर 2019 · 3 मिनट का पाठ

Hindu Dharma Needs To Spread
धर्म · संस्कृति

Hindu Dharma Needs To Spread

Intellectual integrity and truth are obviously unwanted in our times. These have been displaced by political correctness. Why this happened is a mystery, but mainstream media and other agencies vehemently enforce the politically correct opinion. They drum into us powerfully what

22 अक्टूबर 2019 · 9 मिनट का पाठ

What Do Western Atheists Feel About Hinduism?
धर्म · संस्कृति

What Do Western Atheists Feel About Hinduism?

It seems truth cannot be told anymore. I had written an answer to the above question on Quora, but after over 11k views it was taken down, allegedly violating the “be nice, be respectful” policy. I cannot see anything objectionable in my answer. Why would they let it ‘collapse’?

22 अक्टूबर 2019 · 3 मिनट का पाठ

Buddha was a Hindu.
धर्म · संस्कृति

Buddha was a Hindu.

Some years ago, I met an American from Seattle, who studied Sanskrit at the university there. He had come to India to meet his guru and had even taken an Indian name. He told me that westerners, including professors, at his university who had accepted Buddhism had no hesitation t

22 अक्टूबर 2019 · 6 मिनट का पाठ

सर्वसम्मति से राम मंदिर बनना हिंदुत्व की आत्महत्या
धर्म · संस्कृति

सर्वसम्मति से राम मंदिर बनना हिंदुत्व की आत्महत्या

आज मैं जो लिखने जा रहा हूँ इससे कुछ लोगों को कष्ट हो सकता है। पर बहुत सोच विचारकर लिख रहा हूँ कि कोर्ट के फैसले या मुसलमानों की सहमति से राम मंदिर बनना हिंदुत्व के लिए आत्मघातक साबित होगा। पहले से ही धर्मनिरपेक्षता की नींद सोया हुआ हिन्दू समाज यदि मुस्लिमों की सहमति से मन्दिर बन

15 अक्टूबर 2019 · 4 मिनट का पाठ

संघ प्रतिशोध क्यों नहीं लेता?
धर्म · संस्कृति

संघ प्रतिशोध क्यों नहीं लेता?

संघ के एक कार्यकर्ता की सपरिवार हत्या कर दी गई- मुर्शिदाबाद में। कुल 4 हत्याएं, अत्यंत वीभत्स और दर्दनाक। संघ प्रतिशोध क्यों नहीं लेता? यह कोई पहली घटना नहीं है। अनेक निर्दोष स्वयंसेवकों की हत्याएं हुईं हैं। जो दल सत्ता में है उसके संस्थापकों की भी हत्याएं हुईं थीं। दीनदयाल उपाध्

12 अक्टूबर 2019 · 5 मिनट का पाठ

नास्तिवादी - इतिहास के अपराधों को अस्वीकार करने वाले अपराधी
संस्कृत · शास्त्र

नास्तिवादी - इतिहास के अपराधों को अस्वीकार करने वाले अपराधी

बेल्जियन स्कॉलर Koenraad Elst ने 1992 में एक किताब लिखी है जिसका शीर्षक Negationism in india: Concealing the record of islam है। इसका विस्तृत संस्करण 2014 में आया और 2016 में पुनः प्रकाशित हुआ । यह पुस्तक मुख्य रूप से सीताराम गोयल की किताब Hindu Temples: What Happened To Them in

30 अगस्त 2019 · 6 मिनट का पाठ

साम्राज्यलक्ष्मी का प्रकटीकरण राजा के लिए जरूरी
धर्म · संस्कृति

साम्राज्यलक्ष्मी का प्रकटीकरण राजा के लिए जरूरी

सामान्य जन और साधकों के लिये शास्त्र का आदेश है की वो अपनी साधन-भजन-अर्चन को गोप्य रखें। परंतु श्रीमंतो, धनिकों और राजन्यवर्ग जब अपने धार्मिक कर्तव्य का निर्वहन करते हैं तो वहां इस अति कठोर "गोप्यता" के नियम को निरस्त कर दिया गया शास्त्रकारों, लोक समाज के कर्ताओं द्वारा। और उसे प

19 मई 2019 · 3 मिनट का पाठ

Hindus Do Not Worship Women
धर्म · संस्कृति

Hindus Do Not Worship Women

Every one of us must have come across such posts that we (Hindu society) worship women and we rape/molest/harass them. First of all, we need to understand that "We (Hindus) worship women" is absolute nonsense. This moronic idea is being imposed on the Hindu society by the left-li

8 मार्च 2019 · 2 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

हिन्दू विवाह को घृणित बोलने वाले DMK नेता स्टालिन ये नहीं समझ पाएंगे

चेन्नई, पांच फरवरी, सोशल मीडिया पर डीएमके नेता स्टालिन का एक वीडियो क्लिप सामने आया है, जिसमें वह विवाह के वैदिक अनुष्ठानों की आलोचना कर रहे हैं। स्टालिन के इस विडियो में हिन्दू रीति-रिवाजों और खास तौर पर वेद का पाठ करने वाले ब्राह्मणों का अपमान किया है। सोशल मीडिया पर पिछले सप्त

3 फ़रवरी 2019 · 6 मिनट का पाठ

हिन्दू धर्म को समझने के लिए पढ़नी होंगी ये पुस्तकें
संस्कृत · शास्त्र

हिन्दू धर्म को समझने के लिए पढ़नी होंगी ये पुस्तकें

ऐसे अनेक हिन्दू हैं जो वास्तविक व सत्य रूप में सनातन धर्म या जिसे हम हिन्दू धर्म कहते हैं, उसे जानना व समझना चाहते हैं, परन्तु मार्गदर्शन के आभाव में ठीक मंजिल तक नहीं पहुंच पाते। हिन्दू धर्म की यह खासियत भी है और कठिनाई भी कि अन्य मतों की तरह जैसे इस्लाम में कुरान, व ईसाईयत में

13 जनवरी 2019 · 5 मिनट का पाठ

हिन्दूराष्ट्र का स्वर्णिम संकल्प
धर्म · संस्कृति

हिन्दूराष्ट्र का स्वर्णिम संकल्प

भारत केवल हिंदुओं का, केवल हिंदुओं के लिए और केवल हिंदुओं के द्वारा है यह हमारा अटल विचार है। और यह हमारे हिन्दूराष्ट्र की संकल्पना भी है। जब यह विचार हम व्यक्त करते हैं तो बहुत से हिंदू भी सदियों से पैठी हुई भीरुता के वशीभूत होकर इस संकल्प को हास्यास्पद कह बैठते हैं। वे यह कहने

13 जनवरी 2019 · 4 मिनट का पाठ

नायपॉल - नोबेल पुरस्कार विजेता प्रखर हिन्दू विचारक
संस्कृत · शास्त्र

नायपॉल - नोबेल पुरस्कार विजेता प्रखर हिन्दू विचारक

विद्याधर नायपॉल - नोबेल पुरस्कार विजेता प्रखर हिन्दू विचारक कहते हैं कि जब घर में आग लग जाए तो उसे बुझाने के लिये घर से बाहर निकलना पड़ता है। घर में लगी आग की तीव्रता कितनी है इसे देखने के लिये बाहर निकलना ही पड़ता है क्योंकि घर के अंदर रहकर आप घर में लगी आग की तीव्रता नहीं देख स

13 जनवरी 2019 · 4 मिनट का पाठ

Sabarimala And The Lessons To Be Learnt
धर्म · संस्कृति

Sabarimala And The Lessons To Be Learnt

The communists have deceitfully succeeded in breaking the tradition of Sabarimala. As the protests over this issue continue in Kerala, let's try to have a look on the broader perspective and what lessons Hindus can learn from this whole episode. In the modern era as long as you d

7 जनवरी 2019 · 3 मिनट का पाठ

सज गया प्रयागराज. तस्वीरों में देखिए कुम्भ मेला
धर्म · संस्कृति

सज गया प्रयागराज. तस्वीरों में देखिए कुम्भ मेला

प्रयागराज में आगामी मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक अर्धकुम्भ का आयोजन हो रहा है जो हिन्दू धर्म व भारतीय संस्कृति का एक अद्भुत और महत्वपूर्ण अंग है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुम्भ की तैयारियों में जोरशोर से जुटे हुए हैं। प्रयाग कुम्भ को पूरे विश्व में पहचान दिला

5 जनवरी 2019 · 1 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

योगी सरकार ने ऐसे दूर की कुम्भ को लेकर पुरी शंकराचार्य की शिकायत..

प्रयागराज में आगामी मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक अर्धकुम्भ का आयोजन हो रहा है जो हिन्दू धर्म व भारतीय संस्कृति का एक अद्भुत और महत्वपूर्ण अंग है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुम्भ की तैयारियों में जोरशोर से जुटे हुए हैं। प्रयागराज कुम्भ को पूरे विश्व में पहचान द

19 दिसम्बर 2018 · 5 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

बुलंदशहर हिंसा में हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए माफ़ी मांगेगी मीडिया?

बुलंदशहर की घटना के बाद वामपंथी विचारधारा के अराष्ट्रीय तत्वों की बांछे खिल उठी हैं| दोनों की संयुक्त कोशिश है अखलाक प्रकरण के बाद एक बार फिर से हिंदूओं को बदनाम किया जाए| इस कोशिश में वामपंथी मीडिया का भी साथ मिल चुका है। हिंदूओं को बदनाम करने की यह खबर देश की सीमा के सात समंदर

8 दिसम्बर 2018 · 6 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

Brahminism, and Brahminical Patriarchy

CEO of Twitter was recently found posing with a placard saying 'Smash Brahminical Patriarchy', which later generated the criticism from Hindus, and an apology will be the logical culmination of the entire episode, but how the CEO of Twitter posed with such a placard is the produc

23 नवम्बर 2018 · 3 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

जबाला, सत्यकाम और महर्षि गौतम ने सिखाया हिन्दू धर्म का मर्म

छान्दोग्योपनिषद् के चौथे अध्याय में जबाला, सत्यकाम और हरिद्रुमत के पुत्र महर्षि गौतम की कथा मिलती है। जबाला उस भारत का प्रतिनिधित्व करती है जहाँ नारी हर रूप में नारायणी है, सत्यकाम सत्य के उस प्रहरी के रूप में खड़े हैं जो कहता है कि जो धीर मनुष्य सत्य-पथ से कभी नहीं हटता, वही ब्रह

2 अगस्त 2018 · 4 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

मदालसा की कहानी सिद्ध करती है हिन्दू संस्कृति में माँ का सर्वोच्च स्थान

माता गुरूतरो भूमेः महाभारत में जब यक्ष धर्मराज युधिष्ठिर से सवाल करते हैं कि 'भूमि से भारी कौन?' तब युधिष्ठर जवाब देते हैं, 'माता गुरूतरा भूमेः युधिष्ठिर द्वारा माँ के इस विशिष्टता को प्रतिपादित करना यूं ही नहीं है आप अगर वेद पढ़ेंगें तो वेद माँ की महिमा बताते हुए कहती है कि माँ क

2 अगस्त 2018 · 5 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

जबाला, सत्यकाम और महर्षि गौतम ने समझाया हिन्दू धर्म का मर्म

छान्दोग्योपनिषद् के चौथे अध्याय में जबाला, सत्यकाम और हरिद्रुमत के पुत्र महर्षि गौतम की कथा मिलती है। जबाला उस भारत का प्रतिनिधित्व करती है जहाँ नारी हर रूप में नारायणी है, सत्यकाम सत्य के उस प्रहरी के रूप में खड़े हैं जो कहता है कि जो धीर मनुष्य सत्य-पथ से कभी नहीं हटता, वही ब्रह

22 जुलाई 2018 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

क्या मनुस्मृति महिलाओं का विरोध करती है ??

आजकल कई वामपंथी और नारीवादी हिन्दू धर्म का विरोध करने के लिए हिन्दू धर्मग्रंथ मनुस्मृति पर स्त्रीविरोधी और पितृसत्तात्मक होने का आरोप लगाते हैं जबकि सत्य कुछ और ही है। आश्चर्य तब होता है जब यही लोग कुरान को स्त्री की हितैषी बताते हैं। मनुस्मृति में स्त्रियों के बारे में अनेक ऐसे

18 जुलाई 2018 · 3 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

हिंदुओं को सेकुलरिज्म की गलत परिभाषा सिखाई गई है, जानें सही परिभाषा

2 नवम्बर 1976 को संविधान के 42वें संशोधन के अंतर्गत भारत एक सेकुलर अर्थात पंथनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित हो गया था। और तभी से स्पष्ट रूप से सेकुलरिज्म के नाम पर राजनीति आरंभ हो गई थी। राजनैतिक दलों के नेताओं ने अपने हिसाब से जनता को लुभाने के लिए सेकुलरिज्म के अर्थ समझाये किन्तु वह सब

11 जुलाई 2018 · 3 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

हिन्दू धर्म के सम्प्रदाय व उनके प्रमुख 'मठ' और 'आचार्य'

हिन्दू धर्म में वेदान्त विचार के आधार पर पांच प्रमुख वैदिक-सम्प्रदाय हैं। 1) श्रीमदाद्य शंकराचार्य के " अद्वैत " मत पर आधारित " शांकर-सम्प्रदाय "। 2) श्रीमद् रामानुजाचार्य के " विशिष्टाद्वैत " मत पर आधारित " श्रीसम्प्रदाय "। श्रीसम्प्रदाय में ही श्रीमद् रामानंदाचार्य हुए व श्रीसम

11 जुलाई 2018 · 7 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

भारत पर ईसाईयत के आक्रमण का इतिहास

सीताराम गोयल द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण पुस्तक 'History of Hindu Christian Encounters' (A. D. 304 to1996) प्रथम वॉर 1986 में प्रकाशित हुई, जिसका दूसरा विस्तृत संस्करण 1996 में प्रकाशित हुआ । Koenraad Elst ने पुस्तक पढ़कर 1989 में गोयल से मुलाकात किया औए पुस्तक के बारे में अपनी प्र

15 फ़रवरी 2018 · 13 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

केन्द्रीय विद्यालयों में संस्कृत प्रार्थना पर बैन क्यों?

केन्द्रीय विद्यालयों में संस्कृत प्रार्थना पर बैन क्यों? असतो मा सदगमय ॥ तमसो मा ज्योतिर्गमय ॥ मृत्योर्मामृतम् गमय ॥ हमें असत्य से सत्य की ओर ले चलो ॥ अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो ॥ मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो ॥ Lead me from falsehood to truth, Lead me from darkness to light, L

11 जनवरी 2018 · 5 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

स्वामी श्रद्धानंद आज और भी प्रासंगिक हैं

वैदिक धर्म, वैदिक संस्कृति, और आर्य जाति की रक्षा के लिए, मरणासन्न अवस्था से उसे पुनः प्राणवान एवं गतिवान बनाने के लिए और उसे सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने के लिये आर्य समाज ने सैंकड़ों बलिदान दिए हैं । और उसमें प्रथम पंक्ति के प्रथम पुष्प हैं स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती । जिनका 23 दिस

23 दिसम्बर 2017 · 11 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

वर्ण क्या हैं? हिन्दू धर्म के चार वर्णों में श्रेष्ठ कौन है?

वर्ण क्या हैं? चार वर्णों में श्रेष्ठ कौन है? शूद्र वर्तमान समय मे शूद्र वर्ण खराब कपड़े पहनने वाले, गरीब लोग समझे जाते होंगे, तभी शूद्र वर्ण कहलाने में कई जातियों को समस्या होती है। आगे का मैं अपना मत दूँ, इससे पहले में एक बात स्पष्ट कर दूं, कल को मुझे कोई मेरा सही इतिहास बताकर य

21 दिसम्बर 2017 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

महर्षि वेदव्यास कौन हैं? आइये जानें

पुराणों की गाथा, भाग-2 हिन्दूओं में एक बहुत बड़ा दुष्प्रचार फैलाया गया है कि वेदव्यास कृत पुराण नवीन ग्रन्थ हैं। पुराण नाम से स्पष्ट है कि इसका सम्बन्ध पुराना से है। किसी संस्कृति को खत्म करने के लिए उसके इतिहास को मिटाना पुरानी परम्परा रही है, पुराणों का अपमान करना उसी रीति का अन

20 दिसम्बर 2017 · 3 मिनट का पाठ

6 दिसम्बर 1992, अयोध्या, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक निहितार्थ
संस्कृत · शास्त्र

6 दिसम्बर 1992, अयोध्या, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक निहितार्थ

6 दिसम्बर 1992, अयोध्या में बाबरी विध्वंस कई सदियों में हिंदुओं व हिन्दुत्व की सबसे बड़ी गौरवशाली स्मृति है। पर इस गौरवशाली घटना में हिन्दूओं की सहिष्णुता, संयम, अनुशासन और शांतिप्रियता की पराकाष्ठा परिलक्षित हुई उसको दुष्टों ने ऐसे ओझल कर दिया मानो शातिर चोर ने चोरी के सब सबूत मि

18 दिसम्बर 2017 · 9 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

क्यों है गीताप्रेस ब्रेकिंग इंडिया तत्वों के निशाने पर

आज से लगभग छः महीना पहले मैनें BBC में गीताप्रेस पर एक लेख पढा था। लेख में यह कुतर्क गढा गया था कि, किस तरह गीताप्रेस नामक छापखाना हिंदू भारत बनाने के मिशन पर काम कर रहा है। उसके बाद मैनें एक और "गीताप्रेस की महिलाओं पर तालिबानी सोच" शीर्षक से एक लेख पढा। दोनों लेख पढकर मेरे दिमा

14 दिसम्बर 2017 · 7 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

दुष्ट राक्षसियों के प्रति कैसा था हनुमान जी का व्यवहार? हनुमान जी का फेमिनिज़्म!!

कुछ लोगों द्वारा यह कहा जाता है कि स्त्री कितनी भी दुष्ट हो उसका सम्मान करना ही चाहिए फिर चाहे वह वैश्या ही हो। इसके लिए वे हिन्दू ग्रन्थों से कुछ तर्क भी देते हैं। एक तर्क है कि हनुमान जी ने सुरसा और त्रिजटा जो कि राक्षसियाँ थीं उन्हें माता कहकर सम्मान दिया था फिर बॉलीवुड अभिनेत

25 नवम्बर 2017 · 6 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

हिन्दू धर्म में वैश्य समाज का महत्व और योगदान

पद्मावती फ़िल्म का सर्व हिन्दू समाज ने विरोध किया जो कि बहुत ही प्रसन्नता का विषय है। फ़िल्म के प्रखर विरोध के लिए श्री राजपूत करणी सेना व राजपूत संगठनों के साथ बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, अन्य हिन्दू संगठन अग्रवाल महासभा, ब्राह्मण महासभा, वैश्य महासभा व अन्य 36 कौम एक साथ आई हैं।

19 नवम्बर 2017 · 5 मिनट का पाठ

हेमचन्द्र विक्रमादित्य - अंतिम हिन्दू सम्राट
राजनीति · इतिहास

हेमचन्द्र विक्रमादित्य - अंतिम हिन्दू सम्राट

आपको इतिहास की किताबों ने ये तो बताया होगा कि हुमायूँ के बाद शेरशाह सूरी दिल्ली की गद्दी पर काबिज हुआ, इन्हीं किताबों में आपने ये भी पढ़ा होगा कि हुमायूं ने किसी मल्लाह या भिस्ती को एक दिन के लिये राज सौंपा था जिसने चमड़े के सिक्के चलाये थे, उन्हीं किताबों में आपने शायद ये भी पढ़ा ह

8 अक्टूबर 2017 · 10 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

मुझे रावण जैसा भाई चाहिए!

आजकल हिन्दुओं में बड़ी चतुराई से यह तथ्य फैलाया गया है कि रावण ने किसी स्त्री का स्पर्श नहीं किया था, उसमें वासना थी तो संयम भी था, आदि आदि जिससे रावण को चरित्रवान साबित किया जा सके और लोगों को श्रीराम से दूर करके राक्षस रावण के समीप ले जाया जा सके। पर क्या ये वास्तव में सत्य है क

22 सितम्बर 2017 · 4 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

पितृपक्ष में क्यों है श्राद्ध का महत्व?

श्राद्ध पूर्वजों के प्रति सच्ची श्रद्धा का प्रतीक है। पितरों के निमित्त विधिपूर्वक जो कर्म श्रद्धा से किया जाता है उसी को 'श्राद्ध' कहते हैं। हिन्दू धर्म के अनुसार, प्रत्येक शुभ कार्य के प्रारम्भ में माता-पिता, पूर्वजों को नमस्कार या प्रणाम करना हमारा कर्तव्य है । हमारे पूर्वजों

27 अगस्त 2017 · 4 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

मदनलाल धींगरा : लन्दन में अंग्रेज अधिकारी को गोली मारने वाले

भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन अनेक क्रांतिकारियों के संघर्षों, त्यागमय कार्यों तथा साहसिक गतिविधियों की अमर गाथा है, परन्तु देश की आजा़दी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने वाले इन महान क्रां‍तिकारियों का उल्लेख करने में आधुनिक इतिहासकारों ने अत्यधिक कृपणता दिखाई है। हमें ये सिखाया

23 अगस्त 2017 · 29 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

जब बीना दास द्वारा चलायी गयी गोलियों से थर्रा उठा कलकत्ता विश्वविद्यालय

वो 6 फरवरी 1932 का दिन था जब कलकत्ता विश्वविद्यालय के कनवोकेशन हाल में बैठे सैकड़ों लोग एक युवती द्वारा लगातार चलायी जा रही गोलियों से स्तब्ध रह गए, जिनका निशाना कोई और नहीं बल्कि बंगाल का तत्कालीन गवर्नर स्टेनले जैक्सन था| हालाँकि जैक्सन बच गया पर युवा लड़की के इस साहस ने पूरे ब

23 अगस्त 2017 · 3 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

क्या होती है नन्दलाला की 'छी छी', ब्रजमण्डल की अनोखी परम्परा

लाला की छीछी! सामान्यतया आप कढ़ी चावल का भोजन कर रहे होते हैं, तो कई बार आपके भाई बहिन मित्रों ने हंसी मजाक में उसके रूप की कल्पना किसी मिलती जुलती चीज से करके आपका मन अवश्य बिगाड़ा होगा ... और यहाँ ब्रज में कान्हा के प्रति वृजवासियों का प्रेम अलौकिक है कि यहाँ जन्माष्टमी के दूसरे

17 अगस्त 2017 · 1 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

क्या ऋग्वेद का पुरुष सूक्त शूद्रों का अपमान करता है?

पुरुष सूक्त वेद सनातन संस्कृति का वह मानसरोवर है जिसके अवगाहन से हमारे पूर्वजों ने श्रेष्ठ से श्रेष्ठ मणिरत्नों का आहरण किया है। वेद सारी मानवजाति का हित साधने के लिए ही धरा पर प्रवृत्त हुए हैं। यदि धर्म के मूलभूत इन वेद, उपनिषद, स्मृति, पुराणों को ही निकालकर भारत को देखा जाएगा त

10 अगस्त 2017 · 6 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

शूद्र कौन थे? क्या करते थे शूद्र?

शूद्र गाँव के बाहर रहकर गाँव की रक्षा करते थे। किसानों की ज़मीन पर काम, गाँव की सीमा बताना, व्यापारियों को एक जगह से दूसरी जगह जाते वक़्त सुरक्षा देना, खेत से होने वाली फसल और राज्य के खजाने की रक्षा करने वाला और उसे एक जगह से दूसरे जगह सुरक्षित ले जाना यह सब काम शूद्रों के थे। श

10 अगस्त 2017 · 10 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

हिन्दू ग्रन्थों के अनुसार कौन होता है ब्राह्मण ?

सामान्य तौर पर हम जाति के आधार पर ही किसी को ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य या शूद्र मानते हैं परन्तु हिन्दू धर्मग्रन्थों के अनुसार किसी के जन्म से अधिक महत्व उसके कर्मों का है। कर्मों के आधार पर ही उसे वास्तविक रूप में ब्राह्मण या अन्य कुछ कहा जा सकता है। यहाँ हम देखेंगे कि हिन्दू शा

9 अगस्त 2017 · 4 मिनट का पाठ

क्या होता है गुरु, आचार्य, पण्डित और पुजारी का अर्थ?
संस्कृत · शास्त्र

क्या होता है गुरु, आचार्य, पण्डित और पुजारी का अर्थ?

हम सभी ब्राह्मणों को अक्सर पण्डित जी, गुरु जी, आचार्य जी, ब्राह्मण देवता आदि तरह तरह के नामों से संबोधित करते हैं। पर क्या आपने कभी इन नामों के पीछे जो अर्थ है उसको जानने की कोशिश की है? नहीं की होगी क्योंकि नाम में क्या रखा है यही सबकी सोच है। लेकिन मैंने एक छोटा सा प्रयास किया

9 अगस्त 2017 · 4 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

आखिर क्या है अघोरी पंथ का गुप्त रहस्य..

महादेव के पंचम मुख अघोर द्वारा उद्भूत मुक्ति का मार्ग तंत्र में अघोर के नाम से विख्यात है। (यद्यपि अज्ञानता और सनातन संस्कृति के खंडन के षड्यंत्रों के कारण अब यह कुख्यात अधिक है)। अघोर मार्ग के अनुयायी अघोरी कहलाते हैं। जो घोर(जगत प्रपंच की मधुर मोहिनी माया और भेद बुद्धि रुपी अवि

9 अगस्त 2017 · 4 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

पेशवा बाजीराव : पिछली सहस्त्राब्दि के महानतम हिन्दू सेनापति

विश्व इतिहास, कई सारी महान सभ्यताओं के उत्थान और पतन का गवाह रहा है। अपने दीर्घकालीन इतिहास में हिंदू सभ्यता ने दूसरों द्वारा अपने को नष्ट करने के लिए किये गये विभिन्न आक्रमणों और प्रयासों को सहा है। यद्यपि इसके चलते इसने वीरों और योद्धाओं की एक लंबी शृंखला उत्पन्न की है, जो आक्र

9 अगस्त 2017 · 15 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

Was Buddha Anti-Vedism?

Rebuttal to those Neo-Buddhists anti-Hindu tree huggers who say That the Buddha was anti-varna (caste) and Anti-Vedism-Anti Ritual “The Buddha said, ‘What the noble ones say is the truth, what the others say is not true. And why is this? The noble ones understand things as they a

9 अगस्त 2017 · 3 मिनट का पाठ

कैसे बचाया था गोस्वामी तुलसीदास जी ने हिन्दूओं को मुसलमान बनने से?
संस्कृत · शास्त्र

कैसे बचाया था गोस्वामी तुलसीदास जी ने हिन्दूओं को मुसलमान बनने से?

गोस्वामी तुलसीदास जी के नाम से हमें सबसे पहले रामचरितमानस की याद आती है। वह अलौकिक काव्य जिसे गाकर कई सदियों से समूचे उत्तर पूर्वी भारत के करोड़ों लोग अपने इष्ट श्रीराम को याद करते आये हैं। हिंदुओं के करोड़ों घरों में एक भी घर ऐसा नहीं मिल सकता जिसमें यह ग्रन्थ न हो। श्री राम और हन

30 जुलाई 2017 · 3 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

कोर्ट के भी पहले से हिन्दू क्यों मानते हैं गंगा - यमुना को जीवित

कुछ महीने पहले नैनीताल हाईकोर्ट ने गंगा नदी को देश की पहली जीवित इकाई के रूप में मान्यता दी थीऔर गंगा -यमुना को जीवित मनुष्य के समान अधिकार देने का फैसला किया था। इस फैसले के बाद भारत की दोनों महत्वपूर्ण नदियों गंगा और यमुना को संविधान की ओर से नागरिकों को मुहैया कराए गए सभी अधिक

30 जुलाई 2017 · 5 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

Fijian Hindus: Ethnicity and Culture

Hinduism in Fiji has a following primarily among the Indo-Fijians, who are descendants of workers brought to Fiji by the British, for colonial sugarcane plantations. Fiji identifies people as Indo-Fijians if they can trace their ancestry to the Indian subcontinent. Originally, th

24 जुलाई 2017 · 3 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

आधुनिक विज्ञान से भी सिद्ध है पितर श्राद्ध की वैज्ञानिकता

मरने के बाद यह मृतात्मा कहाँ जाती है? इसका विवरण सामवेद के ताण्ड्यमहाब्राह्मण के छान्दोग्य उपनिषद में विस्तार से मिलता है। वहाँ जीव की तीन गति बताई गईं हैं जिसमें से हम चन्द्रलोक गति की बात करेंगे जिसमें पितर का श्राद्ध आवश्यक होता है। हमारे सरे पूर्वज पितर कहलाते हैं। यह सामान्य

23 जुलाई 2017 · 5 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

जब सूत जाति के रोमहर्षण और उग्रश्रवा ब्राह्मण बन गए

पुराणों की गाथा, भाग-3, जब सूत जाति के रोमहर्षण और उग्रश्रवा ब्राह्मण बन गए ब्रेकिंग इंडिया पावर्स को भारत को तोड़ने के लिए हिन्दू संस्कृति पर प्रहार करती हैं, आखिर हिन्दू संस्कृति ही भारतीय संस्कृति है। उसी षड्यंत्र का हिस्सा है मध्यकाल में उपजे जातिवाद को प्राचीन सिद्ध करके तथाक

16 जुलाई 2017 · 6 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

जानिए क्या है कैलाश मानसरोवर और राम जन्मभूमि में रिश्ता?

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही घोषणा की थी कि कैलाश मानसरोवर जाने वाले हिन्दू तीर्थयात्रियों को 1 लाख रूपए सरकार की ओर से दिए जाएँगे, इस फैसले के प्रति हिन्दू समाज में काफी उत्साह देखा गया था। हिन्दूओं में वर्तमान योगी सरकार से राम मन्दि

16 जुलाई 2017 · 3 मिनट का पाठ

संस्कृत · शास्त्र

हिन्दू धर्म में क्यों महत्वपूर्ण हैं पुराण?

पुराणों की गाथा, भाग-1 फूलपत्तियों और फलों से लदी हुई बहुत सी टहनियों वाला हिन्दू धर्म का वटवृक्ष वेदों की गहराई तक फैली जड़ों पर टिका हुआ है, पर उसका तना क्या है? उसका तना है पुराण। अगर हिन्दू धर्म को एक बहुमंजिला भव्य इमारत कहा जाए तो वेद उसकी नींव कहा जाएगा और 'पुराण' उसके खम्भ

5 जुलाई 2017 · 4 मिनट का पाठ

धर्म · संस्कृति

श्री कृष्ण के जीवन में बसा है संसार का हर रूप.

द्रोणाचार्य सरीखे शास्त्रज्ञ गुरु भी धर्म का तत्व नहीं समझ पाए। भीष्म पितामह जैसे धर्म सम्राट को भी धर्म का तत्व शर शैय्या पर लेटने से पहले समझ न आया। यहाँ तक कि धर्म अधर्म के नाम पर दो फाड़ हुए राजाओं में धर्म पक्ष के अर्जुन भी धर्म के नाम पर युद्ध छोड़ भिखारी बनने को तैयार हैं। य

3 जुलाई 2017 · 8 मिनट का पाठ

राजनीति · इतिहास

अंग्रेज कलेक्टर को गोली मारने वाली वीर सुनीति, जिसे हम भूल गये

वीरांगना सुनीति का जन्म 22 मई 1917 को वर्तमान बंगलादेश के कोमिला जिले में इब्राहिमपुर गाँव में एक सामान्य मध्यमवर्गीय हिन्दू परिवार में हुआ था। उनके पिता उमाचरण चौधरी सरकारी नौकरी में थे और माता सुरसुंदरी चौधरी एक अत्यंत धार्मिक महिला जिन्होंने सुनीति के जीवन पर अत्यंत गहरा प्रभा

27 जून 2017 · 5 मिनट का पाठ